राम विलास पासवान ने कभी 'लादेन' के जरिये बटोरे थे वोट, आज मोदी...
देश के राजनीतिक गलियारे की सबसे बड़ी खबर है कि राम विलास पासवान भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने वाले हैं। भाजपा से हरी झंडी तो नहीं मिली है, लेकिन तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। ये वही पासवान हैं, जो एक समय में 'लादेन' को अपने संग हेलीकॉप्टर में ले जाते थे, ये वही हैं, जिन्होंने एनडीए का साथ यह कहकर छोड़ा था कि गुजरात में मोदी के राज में नरसंहार हुआ है और आज वही पासवान मोदी की शरण में आ चुके हैं। और इसका सबसे बड़ा कारण है पासवान के घर का चिराग।
तो चलिये अपनी बात को आगे बढ़ाने से पहले सबसे पहले आपको 2005 में ले चलते हैं, जब पासवान ने ओसामा बिन लादेन के जैसे दिखने वाले एक आदमी को अपना चुनावी मोहरा बनाया था। मुस्लिम वोटरों को रिझाने के लिये लादेन की शक्ल का वो आदमी हर रैली में दिखाई देता था, फिर कई बार पासवान उसे अपने संग हेलीकॉप्टर में भी ले जाया करते थे। खैर मुस्लिम वोट तो नहीं मिले, लेकिन हां फजीहत जरूर हुई। उस एपिसोड के बाद से मानो पासवान का वोटबैंक पूरी तरह टूट गया हो।
बेटे चिराग का करियर है पासवान के एनडीए में आने की वजह
आगे चलकर पासवान का यह हाल हो गया कि लोकसभा में उन्हें एक भी सीट नहीं मिली। कांग्रेस की दया रही तो उन्हें राज्य सभा का सदस्य मनोनीत कर दिया गया। अब एक बार फिर से लोकसभा चुनाव आ गये हैं। इस बार लोक जनशक्ति पार्टी पासवान के बेटे चिराग पासवान के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी। चिराग ने फिल्मों में भी तमाम प्रयास किये, लेकिन चल नहीं पाये। अब जब वे राजनीति में आये तो पापा राम विलास ने उन्हें नरेंद्र मोदी के कंधों पर बिठाने की बात छेड़ दी है। लोजपा के एनडीए में शामिल होने का मतलब साफ है कि मोदी मोदी का हाथ चिराग के सिर पर होगा।
अगर आप यह सोच रहे हैं कि इससे भाजपा के वोटबैंक को मजबूती प्रदान होगी, तो आप गलत हैं, इस गठबंधन से उलटा लोजपा का ही फायदा होगा। क्योंकि लोजपा के पास इस समय लोकसभा में एक भी सीट नहीं है और देश में जिस तरह मोदी की लहर चल रही है, उससे यह साफ है कि लोजपा भाजपा के रथ पर सवार होकर दो-चार सीटें बिहार में जीत सकती है।

राम विलास, चिराग पासवान
चिराग पासवान को राजनीति में लाने का मकसद अपनी पार्टी को आगे बढ़ाना है।

भाजपा व लोजपा
भाजपा व लोजपा के बीच गंठबंधन को लेकर चल रही कवायद के बीच विरोध के स्वर भी उठने लगे हैं।

रामविलास पासवान
रामविलास पासवान वर्तमान भारतीय दलित राजनीति के प्रमुख नेताओं में से एक हैं।

राजनाथ से मुलाकात बाकी
भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह से मुलाकात बाकी है। इस मुलाकात के बाद तालमेल की औपचारिक एलान कर दिया जायेगा।

आठ सीटों की सूची
तालमेल के लिए लोजपा ने आठ सीटों की सूची भाजपा को सौंपी है। इनमें हाजीपुर, समस्तीपुर, जमुई, वैशाली, किशनगंज, वाल्मीकिनगर, मुंगेर और नालंदा की सीटें हैं।

सीटें भी तय
रामविलास पासवान, समस्तीपुर से रामचंद्र पासवान, जमुई से चिराग पासवान, वैशाली से रामाकिशोर सिंह, मुंगेर से पूर्व सांसद सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी, नालंदा से सत्यानंद शर्मा, वाल्मीकिनगर से राजन तिवारी की पत्नी रंजू तिवारी और किशनगंज से जाकिर अनवर को उम्मीदवार बनाया जायेगा।












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