राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में ऐसे बढ़ेगी बीजेपी की चुनौती, इस तरह से की है तैयारी
अयोध्या में पवित्र श्रीराम जन्मभूमि पर नवनिर्मित राम मंदिर में भगवान रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के साथ देश भर के राम भक्तों को अपने आराध्य के दर्शन का अवसर मिलने जा रहा है। यह ऐसा अवसर है, जिसके इंतजार में पीढ़ियां गुजर गई हैं, सदियां बीत चुकी हैं।
केंद्र और यूपी में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी का राम जन्मभूमि आंदोलन से अटूट रिश्ता रहा है। ऐसे में यह पार्टी किसी भी कीमत पर लोकसभा चुनावों को देखते हुए देश में तैयार माहौल को आने वाले महीनों तक जीवित रखना चाहती है। 24 तारीख से पार्टी इसके लिए महाभियान शुरू करने जा रही है।

24 से 'श्री राम जन्मभूमि दर्शन' अभियान लॉन्च करेगी बीजेपी
दरअसल, 24 जनवरी से बीजेपी देशव्यापी 'श्री राम जन्मभूमि दर्शन' अभियान लॉन्च करने जा रही है। उस दिन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा श्री रामलला का दर्शन करने के बाद पार्टी के इस अभियान को शुरू करेंगे।
बीजेपी कार्यकर्ताओं की बढ़ने वाली है चुनौती
इस अभियान की असली जिम्मेदारी पार्टी की अयोध्या इकाई पर पड़ने वाली है। क्योंकि, 'श्री राम जन्मभूमि दर्शन' अभियान के तहत देशभर से जो भी राम भक्त श्री रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या पहुंचेंगे, उनका पूरा दायित्व इन्हीं के जिम्मे रहने वाला है।
बीजेपी की अयोध्या इकाई को पार्टी की ओर से यह काम सौंपा गया है कि जो भी श्रद्धालु अयोध्या धाम पहुंचें उनके स्वागत से लेकर रवानगी तक उनका पूरा ख्याल रखें, उनके लिए हर चीजों की व्यवस्था पर नजर बनाए रखें।
देश के सभी लोकसभा क्षेत्रों को अभियान से जोड़ने की तैयारी
2024 के लोकसभा चुनावों को देखते हुए बीजेपी देश भर के सभी 543 लोकसभा क्षेत्रों को 'श्री राम जन्मभूमि दर्शन' अभियान से जोड़ना चाह रही है।
बीजेपी संगठन के शीर्ष नेताओं ने संभाली है कमान
इसकी अहमियत का अंदाजा इसी से लग सकता है कि पार्टी के तमाम बड़े नेता, जैसे कि राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष, महासचिव सुनील बंसल और विनोद तावड़े खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं।
अयोध्या आने वाले हर राम भक्तों की सेवा का तैयार है प्लान
बीजेपी के अयोध्या जिलाध्याक्ष संजीव सिंह ने ईटी को बताया है, 'हमारे लिए यह एक अवसर है। देश के विभिन्न हिस्सों से अयोध्या आने वाले राम भक्तों का हम पूर्ण स्वागत सुनिश्चित करेंगे। हम ठहरने, आने-जाने, उचित भोजन और मेडिकल सुविधाओं समेत हर चीज का ध्यान रखेंगे।'
जानकारी के मुताबिक अयोध्या बीजेपी ने करीब 25,000 रामभक्तों के ठहरने की व्यवस्था पहले से ही कर रखी है। इसके अलावा रामभक्तों को अयोध्या धाम में राममय वातावरण देने के लिए और भी कई तरह की व्यवस्था की गई है।
बीजेपी के कार्यकर्ता उत्तर-दक्षिण में भाषा का अंतर मिटाने को तैयार
एक बीजेपी नेता के मुताबिक, 'राम भजन, कीर्तन और राम लीला जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। अगर श्रद्धालु आंध्र प्रदेश केरल या तेलंगाना से आते हैं तो उसी राज्य की बीजेपी की सांस्कृतिक टीम उनकी सेवा में तत्पर रहेगी।'
इसके लिए बीजेपी ने अलग-अलग राज्यों से पार्टी के करीब 500 कार्यकर्ताओं को भी अयोध्या बुला लिया है, ताकि स्थानीय कार्यकर्ताओं को ऐसे श्रद्धालुओं की सेवा में किसी भी तरह से दिक्कत न महसूस हो।
बीजेपी के एक और नेता ने बताया, 'दक्षिण के राज्यों या किसी ही हिस्से से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ समन्वय में कोई समस्या नहीं होगी। अगर श्रद्धालु आंध्र प्रदेश के होंगे तो हम उस कार्यकर्ता को लगाएंगे, जो हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ उनकी भाषा भी समझते हों।'
तय है कि बीजेपी इस अभियान को सफल बनाने के लिए जी-जान लगा देगी। तीसरी बार मोदी सरकार के लिए पार्टी ने यूं ही नहीं 'अबकी बार 400 पार' का नारा नहीं दिया है। यह हासिल करना आसान नहीं है, लेकिन राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह ने इसके लिए पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल जरूर बढ़ा दिया है।












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