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देशद्रोह मामले पर बोले राम माधव- राष्ट्र विरोधी ताकतों से कानूनी प्रकिया के जरिए ही निपटना होगा

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नई दिल्ली। देशद्रोह मामले में कन्हैया कुमार और उमर खालिद सहित 10 के खिलाफ दिल्ली पुलिस द्वारा चार्जशीट फाइल करने के बाद एक बार फिर बहस छिड़ गई है। इन सभी पर देशद्रोह के मामले में चार्जशीट दायर करने को लेकर बहस छिड़ गई है कि क्या इनका अपराध वाकई इतना गंभीर है। इन तमाम मुद्दों पर बीजेपी के महासचिव राम माधव ने बात की। उन्होंने कहा कि राजद्रोह के मामले में सबके साथ समान व्यवहार होना चाहिए।

'राजद्रोह के मामले में सबके साथ समान व्यवहार होना चाहिए'

'राजद्रोह के मामले में सबके साथ समान व्यवहार होना चाहिए'

राम माधव ने कहा, 'अगर किसी को लगता है कि उनके साथ इस मामले में कानून के मुताबिक व्यवहार नहीं हो रहा है, तो वे अपनी बात कोर्ट के समक्ष रख सकते हैं।' लोकसभा चुनावों के मुद्दे पर राम माधव ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी का कोई विकल्प नहीं है और उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा के गठबंधन से निपटने के लिए भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि पार्टी आगामी लोकसभा चुनावों में विकास के एजेंडे पर ही मैदान में उतरेगी।

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जो कुछ भी हो रहा है, कानून के मुताबिक हो रहा है- राम माधव

जो कुछ भी हो रहा है, कानून के मुताबिक हो रहा है- राम माधव

राम माधव से पूछा गया कि क्या छात्रों पर ऐसे गंभीर आरोप लगाए जा सकते हैं। इसके जवाब में उन्होंने कहा, जनता खुश है कि जो लोग देश-विरोधी गतिविधियों और ऐसे विचारों के साथ आगे बढ़ने का काम कर रहे हैं, उन्हें उचित कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ रहा है, उनसे ऐसे ही निपटा जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज में ऐसे बुद्धिजीवी वर्ग के लोग हैं जो देश विरोधी ताकतों के हितों को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बुद्धिजीवी वर्ग के लोग इससे नाराज हो सकते हैं। लेकिन देश में इस बात पर सहमति है कि जो कुछ भी हो रहा है, कानून के मुताबिक हो रहा है।

'देश के टुकड़े-टुकड़े होने की बात करना अभिव्यक्ति की आजादी नहीं'

'देश के टुकड़े-टुकड़े होने की बात करना अभिव्यक्ति की आजादी नहीं'

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के सवाल पर राम माधव ने कहा कि ऐसा कहा जाता है कि मेरी स्वतंत्रता वहां समाप्त हो जाती है, जहां आपकी नाक (दायरा) शुरू होती है। आप देश को गाली नहीं दे सकते हैं। आप देश के टुकड़े-टुकड़े होने की बात करेंगे और कहेंगे की ये मेरी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है तो ये नहीं चलेगा। इसकी भी कुछ संवैधानिक सीमाएं होती हैं।

'2019 चुनाव में दो बड़ी ताकतों के साथ जनता के बीच जाएंगे'

'2019 चुनाव में दो बड़ी ताकतों के साथ जनता के बीच जाएंगे'

आगामी लोकसभा चुनाव में 2014 की जीत दोहराने के सवाल पर राम माधव ने कहा कि वे दो बड़ी ताकतों के साथ जनता के बीच जाएंगे। पीएम मोदी की लोकप्रियता,जो लगातार बरकरार है और दूसरा विकास का एजेंडा जिसे सही तरीके से लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने यूपी जैसे राज्यों में गठबंधन को जवाब देने के लिए रणनीति बनाई है। साल 2014 में हिंदी बेल्ट में पार्टी का प्रदर्शन शानदार रहा है। इसलिए उन राज्यों पर पार्टी की नजरें हैं जहां बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सके थे, जैसे दक्षिण और पूर्वी राज्यों में। उन्होंने कहा कि इन राज्यों में अगर पहले की तरह सीटें ज्यादा ना भी हासिल कर सके तो अपनी ताकत जरूर बरकरार रखेंगे।

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English summary
Ram Madhav says anti-national acts have to be tackled legally
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