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सिंघू बॉर्डर हत्या मामला: राकेश टिकैत बोले- 'किसान आंदोलन में हिंसा की कोई जगह नहीं, दोषियों को मिले सजा'

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नई दिल्ली, 16 अक्टूबर: हरियाणा दिल्‍ली सीमा के सिंघू बॉर्डर पर एक शख्स की कटी हुई अवस्था में शव मिलने पर भारतीय किसान संघ (बीकेयू) के प्रवक्ता और किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे राकेश टिकैत ने दोषियों को सजा देने की मांग की है। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि किसान आंदोलन में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने मांग की कि हत्या के दोषी को सजा मिलनी चाहिए। सिंघु बॉर्डर पर शख्‍स की निर्ममता से हत्‍या के मामले के आरोपी निहंगों के दल के एक सदस्‍य ने सरेंडर कर दिया है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी कर लिया है। सिंघू बॉर्डर पर शुक्रवार सुबह एक शख्‍स का शव पाया गया था, जिसके हाथ और पैर निर्ममता से काट दिया गया था। सिंघू बॉर्डर पर पिछले 11 महीनों से कृषि कानून के खिलाफ किसान आंदोलन कर रहे हैं।

    Singhu Border Murder Case: Rakesh Tikait बोले- घटना से हमारा कोई लेना-देना नहीं | वनइंडिया हिंदी
    Rakesh Tikait

    पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) हंसराज ने कहा कि इससे पहले शुक्रवार को सिंघू सीमा के पास किसानों के धरना स्थल पर पुलिस बैरिकेड्स पर एक व्यक्ति के हाथ और पैर कटे हुए मिले थे।

    सिंघू बॉर्डर हत्या मामले का किसान आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं: राकेश टिकैत

    न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए राकेश टिकैत ने कहा, "सिंघू सीमा घटना पर एसकेएम पहले ही अपना बयान जारी कर चुका है। हमारे आंदोलन में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। कानून को अपना काम करने दें और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।" टिकैत ने आगे कहा कि इस घटना का किसान आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है।

    राकेश टिकैत ने कहा, "इस घटना का हमारे आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है। हम तीन कृषि कानूनों के खिलाफ 11 महीने से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। हम अपना विरोध तब तक जारी रखेंगे जब तक सरकार उन कानूनों को रद्द करने की हमारी मांगों को पूरा नहीं करती।"

    ये भी पढ़ें- सिंघु बॉर्डर: शख्स की हत्या करने वाले निहंग ने हरियाणा पुलिस के सामने किया सरेंडरये भी पढ़ें- सिंघु बॉर्डर: शख्स की हत्या करने वाले निहंग ने हरियाणा पुलिस के सामने किया सरेंडर

    मृतक का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं था: पुलिस

    पुलिस ने बताया कि युवक की पहचान पंजाब के तरनतारन जिले के गांव चीमा खुर्द निवासी लखबीर सिंह के रूप में हुई है। मृतक, लगभग 35-36 वर्षीय, एक मजदूर के रूप में काम करता था। उसका किसी भी राजनीतिक दल के साथ कोई संबंध नहीं था और ना ही कोई आपराधिक रिकॉर्ड था।

    घटना के बाद संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने मृतक की 'भीषण हत्या' की निंदा की और कहा कि "घटना के दोनों पक्षों, निहंग समूह और मृतक व्यक्ति का संयुक्त किसान मोर्चा से कोई संबंध नहीं है।"

    निहंग समूह ने ली हत्या की जिम्मेदारी

    एसकेएम द्वारा जारी बयान में कहा गया है, "मौके पर मौजूद एक निहंग समूह ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने कहा है कि यह घटना मृतक के सरबलोह ग्रंथ के संबंध में बेअदबी करने के प्रयास के कारण हुई।"

    एसकेएम ने यह भी मांग की है कि हत्या और बेअदबी के पीछे साजिश के आरोप की कानूनी जांच के बाद ही दोषियों को दंडित किया जाना चाहिए। एसकेएम ने कहा है कि वह किसी भी कानूनी कार्रवाई में पुलिस और प्रशासन के साथ सहयोग करेंगे।

    English summary
    rakesh Tikait on Singhu border incident says No place for violence in farmers protest guilty should be punished
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