• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

Lok sabha elections 2019: बिहार में 8 में से 4 सीटों पर राजपूत दिखाएंगे दमखम

By प्रेम कुमार
|

नई दिल्ली। छठे चरण में बिहार में 8 सीटों पर घमासान है। ये सभी सीटें एनडीए के नाम हैं। 2019 में कितनी सीटें एनडीए बचा पाएगी, यही लाख टके का सवाल है। 2014 और 2019 के चुनावी परिदृश्य में बड़ा बदलाव आ चुका है। मुकाबला त्रिकोणात्मक न होकर आमने-सामने का है। एनडीए के साथ आ खड़ा हुआ है जेडीयू, तो आरएलएसपी के साथ-साथ जेडीयू और फिर एनडीए का हिस्सा रहा हिन्दुस्तान अवाम मोर्चा अब खेमा बदल चुका है। महागठबंधन के तौर पर आरजेडी, कांग्रेस, वीआईपी के साथ ये पार्टियां आ मिली हैं। जिन 8 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं उनमें से कम से कम चार सीटों पर राजपूतों का प्रभाव है। इनमें से पूर्वी चम्पारण, शिवहर, वैशाली और महाराजगंज शामिल हैं। मगर, ऐसा नहीं है कि राजपूत मतदाता किसी एक दल के साथ हों। वे उम्मीदवार देखकर अपना रुख तय कर रहे हैं। सभी पार्टियों की नज़र राजपूत मतदाताओं पर है।

पूर्वी चम्पारण में बीजेपी मजबूत

पूर्वी चम्पारण में बीजेपी मजबूत

पूर्वी चम्पारण में 5 बार से सांसद रहे राधामोहन सिंह को इस बार तगड़ी चुनौती मिल रही है। राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी के उम्मीदवार हैं आकाश कुमार सिंह, जो बिहार कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश सिंह के बेटे हैं। आरजेडी विगत चुनाव में दूसरे नम्बर पर थी जो इस बार आरएलएसपी के पीछे खड़ी है। कांग्रेस समेत दूसरी पार्टियों का भी समर्थन है। इसके बावजूद जेडीयू और एलजेपी के समर्थन से बीजेपी की स्थिति पश्चिम चम्पारण में मजबूत नज़र आ रही है।

शिवहर में महागठबंधन का पलड़ा भारी

शिवहर में बीजेपी सांसद रमा देवी के लिए हैट्रिक का मौका है। महागठबंधन की ओर से सैय्यद फैजल अली आरजेडी प्रत्याशी हैं। आरजेडी विगत चुनाव में दूसरे नम्बर पर रहा था। इस सीट पर राजपूतों का खासा प्रभाव है। लवली आनन्द को भी 2014 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर 46 हज़ार वोट मिले थे। ऐसे में आमने-सामने की लड़ाई में मुकाबला दिलचस्प हो चुका है। महागठबंधन मजबूत चुनौती पेश कर रहा है।

महाराजगंज में बीजेपी के लिए सीट बचाना मुश्किल

महाराजगंज में बीजेपी के लिए सीट बचाना मुश्किल

महाराजगंज भी राजपूत बहुल सीट है मगर यहा मुस्लिम-यादव समीकरण भी मजबूत है। 2014 मे बीजेपी के जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने प्रभुनाथ सिंह को हराया था। वोटों का अंतर तब कम था। मगर, जेडीयू भी चुनाव मैदान में था। इस बार जेडीयू का समर्थन बीजेपी के साथ है। आरजेडी ने प्रभुनाथ सिंह के बेटे रणधीर सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है। इस सीट पर इस बार महागठबंधन का पलड़ा भारी नज़र आता है।

वैशाली में ताल ठोंक रहे हैं रघुवंश प्रसाद

वैशाली सीट को भी राजपूत बहुल सीट माना जाता है। आरजेडी के रघुवंश प्रसाद सिंह यहां से 5 बार सांसद रहे हैं जिन्हें 2014 में बाहुबली रामा सिंह से हार का मुंह देखना पड़ा था। इस बार उन्हें चुनौती दे रही हैं एनडीए की ओर से एलजेपी प्रत्याशी वीणा देवी। जेडीयू के समर्थन से बीजेपी की स्थिति मजबूत है। फिर भी रघुवंश प्रसाद सिंह अपने दम पर चुनाव का रुख बदलने का माद्दा रखते हैं।

अपने राज्य की विस्तृत चुनावी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें

पश्चिम चम्पारण में संजय पासवान हैट्रिक की ओर

पश्चिम चम्पारण में संजय पासवान हैट्रिक की ओर

पश्चिम चम्पारण में डॉ संजय पासवान हैट्रिक की उम्मीद कर रहे हैं। विगत चुनाव में जेडीयू यहां दूसरे नम्बर पर रहा था। इस बार बीजेपी के साथ है जेडीयू। महागठबंधन की ओर से आरएलएसपी के डॉ ब्रजेश कुमार दम ठोंक रहे हैं। मगर, मुकाबले में बीजेपी उम्मीदवार भारी नज़र आ रहा है।

वाल्मीकिनगर में बीजेपी-कांग्रेस में कांटे की टक्कर

वाल्मीकिनगर में एनडीए की ओर से बीजेपी और महागठबंधन की ओर से कांग्रेस के बीच सीधा और तगड़ा मुकाबला है। बीजेपी और एनडीए विगत चुनाव में क्रमश: नम्बर वन और नम्बर थर्ड रहे थे। दूसरे नम्बर पर कांग्रेस उम्मीदवार थे। इस बार बीजेपी ने यह सीट जेडीयू को दे दी है। जेडीयू उम्मीदवार वैद्यनाथ प्रसाद महतो और कांग्रेस उम्मीदवार शाश्वत केदार के बीच कड़ा मुकाबला है।

गोपालगंज में एनडीए-महागठबंधन में सीधा मुकाबला

गोपालगंज में एनडीए-महागठबंधन में सीधा मुकाबला

गोपालगंज की सीट बीजेपी की है मगर उसने जेडीयू के नाम यह सीट कर दी है। जेडीयू प्रत्याशी अजय कुमार सुमन और महागठबंधन की ओर से आरजेडी के सुरेंद्र राम के बीच कांटे की टक्कर है। यह सीट सुरक्षित है लेकिन यहां ब्राह्मणों की अच्छी खासी तादाद है जो चुनाव का रुख तय करते हैं।

सीवान में बाहुबली की ही होगी जीत

सीवान में ओम प्रकाश यादव बीजेपी सांसद हैं मगर यह सीट पार्टी ने जेडीयू को दे रखी है। जेडीयू की ओर से कविता सिंह उम्मीदवार हैं जो बाहुबली अजय सिंह की पत्नी हैं। वहीं महागठबंधन की ओर से आरजेडी की हिना शहाब के बीच मुकाबला है जो शहाबुद्दीन की पत्नी हैं। सीपीआईएमएल का भी इस क्षेत्र में प्रभाव रहा है। महागठबंधन और एनडीए के बीच यहां कांटे का मुकाबला है।

पत्नी किरण खेर के लिए वोट मांगने पहुंचे अनुपम खेर से वोटर ने पूछा ऐसा सवाल, चुपचाप वापस लौटे

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Rajput voters will show strength in 4 out of 8 seats in Bihar
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more