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डीआरडीई अधिकारियों के साथ राजनाथ की बैठक, रासायनिक हथियारों के खतरे पर कही ये बात

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नई दिल्ली। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवाार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (डीआरडीई) के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के बाद रक्षामंत्री ने डीआरडीई के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आपने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, उसके लिए बधाई देता हूं। बहुत सारी चीजें देखीं, सबको पब्लिकली बता भी नहीं सकता हूं। अक्लमंद लोग मेरे इतने कहने का इशारा ही समझ जाएंगे।

Rajnath Singh DRDE facility in Gwalior Madhya Pradesh

राजनाथ सिंह ने रसायनिक हथियारों के इस्तेमाल के खतरे पर कहा कि बायोलॉजिकल और कैमिकल टेररिज्म के खतरे की आशंकाएं है। टेररिस्ट अब किसी भी तरह का हमला कर सकते है, हमारे पड़ोसी देश को सब जानते है। इसलिए हर तरह के अटैक से निपटने के लिए हमें तैयार रहना है। आवश्यक है कि जहां हमारी सेना तैनात रहती है और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर तैनात लोग वह इस तरह के हमलों से बचने के लिए अपने पास पर्याप्त इंतजाम रखें। सिंह ने कहा कि मैंने डीआरडीई में किए गए विभिन्न आविष्कारों को देखा तो इस बात को लेकर वह पूर्णता आश्वस्त हैं कि भारत किसी भी तरह के बायोकेमिकल अटैक से लड़ने के लिए तैयार है।

उन्होंने डीआरडीओ के लिए कहा कि देश में रक्षा उपकरणों के उत्पादन के लिए औद्योगिक आधार स्थापित किया गया है। इसका नियंत्रण रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान कर रहा है। संस्थान ने जहरीले एजेंटों का पता लगाने, सुरक्षा और प्रदूषण से बचाव के लिए एक तकनीक विकसित की है, जो काबिले तारीफ है।

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English summary
Rajnath Singh DRDE facility in Gwalior Madhya Pradesh
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