कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गए राहुल गांधी का उनके पिता की हत्यारिन ने जताया आभार
नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्या मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रही दोषी नलिनी श्रीहरन ने हाल ही अपनी बेटी की शादी की तैयारियों के लिए 6 महीने की पैरोल मांगी थी। इसके बाद अब नलिनी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को उसकी रिहाई का विरोध नहीं करने के लिए धन्यवाद दिया है। हालांकि नलिनी ने छह माह की पैरोल के लिए दाखिल की गई याचिका को वापस ले लिया है। बता दें कि नलिनी पूर्व पीएम की हत्या के अपराध में 25 सालों के जेल में बंद हैं।

आपत्ति न जताने पर राहुल गांधी का आभार
news 18 ने पत्रों के जरिए नलिनी श्रीहरन से बात की थी। इन पत्रों में नलिनी ने कहा कि, वह अपनी बेटी से कहना चाहती है कि वह और उसके पिता जल्द ही घर लौटेंगे और वह शांति से रहेंगे। वेल्लोर की स्पेशल जेल में उम्रकैद की सजा काट रही नलिनी ने माफी देने और रिहा करने पर आपत्ति न जताने पर राहुल गांधी का आभार जताया। दरअसल राहुल गांधी ने कहा था कि वह नलिनी को रिहा करने पर कोई आपत्ति नहीं जताएंगे। बता दे कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी पहले ही मामले में दोषी करार लोगों को माफ करने की बात कर चुके हैं। प्रियंका तो इस मामले में आरोपी से मिलने जेल भी गई थीं।

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के गवर्नर को दया याचिका पर विचार करने के लिए कहा
नलिनी ने पत्र में लिखा कि, मैं केंद्र सरकार से प्रार्थना करती हूं कि वह उसके साथ नरमी बरते। मेरी जिंदगी में कई दर्दनाक लम्हें रहे हैं और मैं उस दर्द को भूलना चाहती हूं। मैं अपनी बाकी की जिंदगी अपनी बेटी के साथ रहना चाहती हूं। बता दें कि तमिलनाडु सरकार पहले ही इस मामले में सभी सातों दोषियों को रिहा करने का इशारा कर चुकी है। बीते गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के गवर्नर को मामले में एक अन्य दोषी एजी पेरारीवलन की दया याचिका पर विचार करने के लिए कहा था।

राहुल को लिट्टे प्रमुख प्रभाकरण की मौत से दुख हुआ था
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, तमिलनाडु के कानून मंत्री सीवी शनमुगम ने भी कहा था कि इस मसले पर जयललिता का स्टैंड भी यही था कि सातों अभियुक्तों को रिहा कर दिया जाए। वहीं दूसरी ओर तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष थिरुनावुककरसर सुप्रीम कोर्ट द्वारा अभियुक्तों को माफी देने के पक्ष में नहीं है। इसके साथ ही थिरुनावुककरसर ने यह भी कहा कि, यह मेरी व्यक्तिगत राय है। पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने तो यह स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें इसके खिलाफ कोई दिक्कत नहीं है। हाल ही में जर्मनी के दौरे पर उन्होंने कहा था कि वह और उनकी बहन लिट्टे प्रमुख प्रभाकरण की मौत से दुख हुआ था।












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