जानिए 'राजनीति कोई सोने का कटोरा नहीं'... कहने वाले सचिन क्यों नहीं बने एयरफोर्स पायलट?
जयपुर। राजस्थान की सियासत में इस वक्त भूचाल आया हुआ है, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच सियासी शह मात का खेल जारी है, हालांकि मौजूदा स्थिति के हिसाब से गहलोत, पायलट पर भारी ही दिख रहे हैं, विधायक दल की बैठक में विधायकों ने अशोक गहलोत को अपना नेता माना और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की, जिसके बाद बड़ा एक्शन लेते हुए राजस्थान मंत्रिमंडल से सचिन पायलट और उनके दो करीबी मंत्रियों विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा को भी बर्खास्त कर दिया गया है।

पायलट ने Twitter बॉयो से डिप्टी सीएम
कांग्रेस के इस एक्शन के बाद सचिन पायलट ने ट्वीट करके कहा कि सत्य को परेशान किया जा सकता है, पराजित नहीं और इसके साथ ही सचिन पायलट ने अपने Twitter बॉयो से डिप्टी सीएम हटा दिया है और कहीं भी कांग्रेस का जिक्र नहीं है, उन्होंने अपनी बॉयो में लिखा है- टोंक से विधायक, आईटी, दूरसंचार और कॉर्पोरेट मामलों के पूर्व मंत्री, भारत सरकार, कमीशन अधिकारी, प्रादेशिक सेना।

क्या होगा सचिन पायलट का अगला कदम?
अब सचिन पायलट का अगला कदम क्या होगा, इस पर सबकी नजर है, बीजेपी ने जहां खुलकर कहा है कि सचिन पायलट अगर पार्टी में आते हैं तो उनका स्वागत है, तो वहीं कांग्रेस ने पूरे विवाद के पीछे भाजपा का हाथ बता दिया है, खैर राजस्थान का सियासी पारा चरम पर है, फिलहाल सबकी निगाहें इस वक्त राजस्थान पर लगी हुई हैं।

सचिन बनना चाहते थे एयरफोर्स पायलट
बात अगर सचिन पायलट की करें तो उन्होंने साल 2002 में राजनीति में कदम रखा, कुशल पायलट और मशहूर नेता रहे राजेश पायलट और रमा पायलट के होनहार बेटे सचिन पायलट ने कभी नहीं सोचा था कि वो एक दिन राजनेता बनेंगे, उनकी भी इच्छा अपने पापा की तरह आकाश में उड़ने की थी यानी कि पायलट बनने की थी, लेकिन उनका यह ख्वाब तब टूट गया, जब उन्हें ये पता चला कि उनकी एक आंखों की रोशनी कम है, टाइम्स ऑफ इंडिया के दिए गए एक इंटरव्यू में सचिन पायलट ने ये राज खोले थे।

बीबीसी के दिल्ली स्थित कार्यालय में बतौर इंटर्न काम किया
उन्होंने ये भी कहा था कि स्कूल में बच्चे मुझे मेरे पायलट सरनेम को लेकर चिढ़ाया करते थे, तो मैंने अपनी मां को बताए बिना हवाई जहाज उड़ाने का लाइसेंस ले लिया था, जिसके लिए उन्हें घर में बहुत डांट पड़ी थी। घर में राजनीति का माहौल होने के बाद भी सचिन कॉरपोरेट सेक्टर में नौकरी करना चाहते थे, उन्होंने बीबीसी के दिल्ली स्थित कार्यालय में बतौर इंटर्न और अमरीकी कंपनी जनरल मोटर्स में काम किया है, बता दें कि सचिन पायलट ने अमेरिका के विवि से प्रबंधन में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है।

'राजनीति कोई सोने का कटोरा नहीं'
लेकिन 23 साल की उम्र में अपने पिता को सड़क हादसे में खोने के बाद सचिन पायलट की सोच एकदम से बदल गई, उन्होंने साल 2002 में राजनीति में कदम रखा, इस दौरान उनपर वंशवाद की राजनीति का आरोप लगा था, जिस पर सचिन पायलट ने कहा था कि राजनीति कोई सोने का कटोरा नहीं है जिसे कोई आगे बढ़ा देगा. इस क्षेत्र में आपको अपनी जगह खुद बनानी पड़ती है, मुझ पर राजनीति थोपी नहीं गई है बल्कि मैं अपनी मर्जी से यहां आया हूं और पूरे दिल से जनता के लिए काम करूंगा।
-
Iran Vs America War: ट्रंप की जा सकती है कुर्सी? ईरान को गाली देना पड़ा भारी, क्या कहता है अमेरिका का संविधान? -
IITian Baba Caste: 4 साल के इश्क में धोखा या किस्मत का खेल? जाति बनी थी रोड़ा? अब जिंदगी को मिला दूसरा सहारा? -
Opinion Poll 2026: बंगाल में पलटेगी सत्ता? BJP-TMC के बीच बस कुछ सीटों का फासला, नए ओपिनियन पोल में कौन आगे -
SDM Jyoti Maurya: '2 महीने में होगा तलाक', सुलह की बात पर भड़कीं ज्योति मौर्या , पति आलोक ने क्यों बोला झूठ? -
Gold Rate Today: सोमवार की सुबह ही सोना धड़ाम! 22K-18K में भी बड़ी गिरावट, खरीदने वाले चेक करें लेटेस्ट रेट -
Mumbai Gold Silver Rate Today: बाजार खुलते ही सोना हुआ धड़ाम, चांदी भी लुढ़की, क्या है मुंबई में ताजा भाव? -
Iran War Update: बेहोश पड़े हैं मोजतबा खामेनेई! नहीं ले पा रहे कोई फैसला, रिपोर्ट में लीक हुई जानकारी? -
Assam Opinion Poll 2026: असम में बनेगा इतिहास! बीजेपी और कांग्रेस को कितनी सीटें? क्या कहता है ओपिनियन पोल? -
Navjot Singh Sidhu की बेटी Rabiaa Sidhu कौन हैं? क्या करती हैं? पिता से कितनी ज्यादा अमीर हैं? -
'2-2 औरतों के साथ अय्याशी हो रही है', वड़ा पाव गर्ल चंद्रिका दीक्षित का बेवफाई के बाद हुआ बुरा हाल, खोला राज -
RR vs MI: बारिश के कारण राजस्थान-मुंबई मैच नहीं हुआ शुरू, कब होगा मुकाबले का टॉस -
Raghav Chadha की क्या PM मोदी ने BJP में कराई एंट्री? 5 राज्यों में चुनाव के बीच AAP को झटका! Fact Check












Click it and Unblock the Notifications