राजस्थान में किंग मेकर माने जा रहे हनुमान बेनीवाल और उनकी पार्टी का क्या रहा हाल?
जयपुर। राजस्थान में जाट पॉलिटिक्स को प्रभावित करने वाले हनुमान बेनीवाल इस बार बीजेपी से निकाले जाने के बाद खुद की पार्टी खड़ी की और चुनावी मैदान में भी पूरी ताकत के साथ उतारी। हालांकि, बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलटीपी) इस बार चुनाव में सीर्फ तीनों सीटों पर जीत नसीब हुई है। नागौर की खींवसर सीट से एक बार फिर हनुमान बेनीवाल जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं। वहीं, मेड़ता सीट से इंदिरा देवी और जोधपुर जिले के भोपालगढ़ सीट से पुखराज गर्ग को जीत नसीब हुई है। वहीं, आरएलटीपी के तीन उम्मीदवार तो जनता की दूसरी सबसे ज्यादा पंसद बनकर उभरे हैं।

हनुमान बेनीवाल ने चुनाव के एक महीने से भी कम रहते अपनी पार्टी को मैदान में उतारा और तीन सीटों पर कब्जा कर लिया। बेनीवाल की पार्टी को राजस्थान में तीसरे विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। आरएलटीपी ने जिन तीन सीटों पर कब्जा किया हैं, वे भले ही जाट समुदाय का हार्टलैंड हो लेकिन बेनीवाल ने राज्य में अपने आप को एक किंगमेकर की तरह खड़ा कर दिया है, जो आने वाले वक्त में बीजेपी और कांग्रेस दोनों के लिए मुश्किलें खड़ी करेंगे।
बेनीवाल की पार्टी ने 57 सीटों पर अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे थे और उनमें से तीन में जीत मिली है। सिर्फ 20 दिन में आठ लाख से भी ज्यादा वोट हासिल करने वाली बेनीवाल की पार्टी ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों के वोट बैंक को जबरदस्त तरीके से तोड़ने का काम किया है।
नागौर से लेकर पश्चिमी राजस्थान के कुछ जिलों में बेनीवाल का कद पहले से ही मजबूत है। बेनीवाल ने इस बार चुनाव में बीजेपी और खासकर वसुंधरा के खिलाफ जमकर हमला बोला। यहां तक कि कई बार बेनीवाल उन निर्दलीय उम्मीदवारों और छोटी पार्टियों के साथ खड़े दिखे, जो बीजेपी के खिलाफ मैदान में थे।
अपने नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बेनीवाल ने जीत के बाद कहा कि हम तीन भी 300 जैसे हैं। उन्होंने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि विधानसभा में उनकी पार्टी सरकार की नाक में दम करके रखेगी। बेनीवाल ने स्पष्ट कह दिया है कि उनकी पार्टी लोकसभा चुनाव में भी मैदान में उतरेगी।












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