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पुलवामा हमले के बाद राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने धारा 370 को लेकर रखी बड़ी मांग

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जयपुर। पुलवामा आतंकी हमले के बाद देशभर में जम्मू कश्मीर को विशेष स्थिति प्रदान करने वाली सविंधान की धारा 370 को हटाने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने मीडिया में दिए एक बयान में कहा कि जम्मू-कश्मीर में धारा 370 को समाप्त करने का सही समय आ गया है। इतना ही नहीं उन्होंने आतंकवादियों के साथ-साथ उनके मददगार पत्थरबाजों पर भी कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

 हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में लगे अनुच्छेद 370 को हटा लिया जाए

हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में लगे अनुच्छेद 370 को हटा लिया जाए

बुधवार को राज्यपाल कल्याण सिंह ने केंद्र सरकार से मांग की कि, वह इस हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में लगे अनुच्छेद 370 को हटा लिया जाए। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब केंद्र की सरकार धारा 370 को हटाने को लेकर कोई फैसला करे। सिंह ने कहा कि इसी धारा की वजह से ही अलगाववादी नेता देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा पैदा करते हैं। । उन्होंने कहा कि ये देखा गया है कि अलगाववादी भारतीय संसाधनों का बेजा इस्तेमाल करते रहे हैं। भारत सरकार का इरादा साफ है कि कश्मीरी युवा जो मुख्यधारा से कटे हुए हैं उन्हें आम लोगों के साथ जोड़ा जा सके। लेकिन आज तक नतीजा सिफर रहा है।

धारा 370 से अलगाववाद की बू आती है

धारा 370 से अलगाववाद की बू आती है

कल्याण सिंह ने कहा कि, जम्मू एवं कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और रहेगा। धारा 370 से अलगाववाद की बू आती है। चंद लोगों को छोड़कर पूरा भारत इस धारा को खत्म करने के पक्ष में है। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही उठा सकते हैं। दूसरे किसी में यह करने की हिम्मत नहीं। देश को मोदी की क्षमताओं पर भरोसा है। पुलवामा हमले पर बोलते हुए सिंह ने कहा कि, देश की जनता आतंकवादियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई देखना चाहती है कि आतंकवादी एवं उनके आका भारत पर हमला करना भूल जाएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संकेतों से स्पष्ट कर दिया है कि केंद्र सरकार आतंकवादियों और उनके आकाओं के खिलाफ कठोर कदम उठाएगी।

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क्या है धारा 370

क्या है धारा 370

धारा 370 के प्रावधानों के मुताबिक संसद को जम्मू-कश्मीर के बारे में रक्षा, विदेश मामले और संचार के विषय में कानून बनाने का अधिकार है। किसी अन्य विषय से संबंधित कानून को लागू करवाने के लिए केंद्र को राज्य सरकार की सहमति लेनी पड़ती है। इसी विशेष दर्जे के कारण जम्मू-कश्मीर राज्य पर संविधान की धारा 356 लागू नहीं होती। राष्ट्रपति के पास राज्य के संविधान को बर्खास्त करने का अधिकार नहीं है।1976 का शहरी भूमि कानून भी जम्मू-कश्मीर पर लागू नहीं होता। भारत के अन्य राज्यों के लोग जम्मू-कश्मीर में जमीन नहीं खरीद सकते हैं। धारा 370 के तहत भारतीय नागरिक को विशेष अधिकार प्राप्त राज्यों के अलावा भारत में कहीं भी भूमि खरीदने का अधिकार है।

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English summary
Rajasthan Governor Kalyan Singh says Time has come to scrap Article 370
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