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Rajasthan Assembly Elections 2018: मानवेंद्र सिंह और रामपाल जाट के कारण बिगड़ सकता है भाजपा का सियासी खेल

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जयपुर। राजस्थान में सियासी पारा इस वक्त चरम स्तर पर है, सत्ता हासिल करने के लिए हर पार्टी जोड़तोड़ की राजनीति में जुटी हुई है कि इसी बीच भाजपा को दो करारे झटके लगे है। बुधवार को जहां पार्टी के संस्थापक और पूर्व विदेश मंत्री जसंवत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह ने परिवार समेत कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली वहीं दूसरी ओर किसान महापंचायत और बीजेपी नेता रामपाल जाट ने भाजपा का दामन छोड़कर आम आदमी पार्टी का हाथ थाम लिया है।

राजस्थान में लगा बीजेपी को करारा झटका

राजस्थान में लगा बीजेपी को करारा झटका

इन दोनों बड़े नेताओं का चुनाव के ठीक पहले बीजेपी को छोड़ना पार्टी के लिए घातक साबित हो सकता है, वो भी तब जब तमाम पोल और सर्वे ये बता रहे हैं कि राजस्थान में लोग महारानी वसुंधरा राजे का कामों से खुश नहीं है। ये दोनों ही नेता अपनी-अपनी बिरादरी में खासा प्रभुत्व रखते हैं और इस बात का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि कांग्रेस में शामिल होने के तुरंत बाद मानवेंद्र सिंह ने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि मेरे समर्थक अपना समर्थन जारी रखेंगे।

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पश्चिमी राजस्थान में बिगड़ सकता है कमल का गणित

पश्चिमी राजस्थान में बिगड़ सकता है कमल का गणित

मानवेंद्र सिंह के इस बयान का असर पश्चिमी राजस्थान के वोटर्स पर पड़ सकता हैं क्योंकि राज्य का ये इलाका राजपूत बाहुल्य के नाम से जाना जाता है जिसके कारण मानवेंद्र सिंह का ये कदम मारवाड़ की राजनीति में बड़ा उलटफेर कर सकता है। मानवेंद्र सिंह की पकड़ केवल ठाकुर बिरादरी में ही नहीं बल्कि वो यहां के अल्पसंख्यक और दलित वोटर्स में भी लोकप्रिय हैं जिसका सीधा फायदा कांग्रेस को चुनावों में मिल सकता है।

 इन इलाकों पर सीधा होगा असर

इन इलाकों पर सीधा होगा असर

राजनीतिक पंडितों का मानना है कि निश्चित तौर पर मानवेंद्र के कांग्रेस के साथ आने के बाद मारवाड़ के जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर एवं नागौर जिलों में काफी हद तक समीकरण बदलेंगे। इन जिलों में भाजपा को परेशानी हो सकती है अब उसका पूरा फोकस कांग्रेस के मानवेंद्र सिंह के खिलाफ कोई मजबूत उम्मीदवार को खोजना होगा।

वसुंधरा राजे के खास रहे रामपाल जाट ने छोड़ी भाजपा

वसुंधरा राजे के खास रहे रामपाल जाट ने छोड़ी भाजपा

तो वहीं किसान नेता का यूं भाजपा छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल होना बीजेपी-कांग्रेस दोनों के लिए घातक साबित हो सकता है, अब 'आप' रामपाल जाट के जरिए ग्रामीण वोटर्स को लुभाने की कोशिश करेगी, जहां पर उसकी पहुंच कम है, रामपाल का यूं पार्टी छोड़ना भाजपा के लिए बड़ा नुकसान साबित हो सकता है।

किसानों की वजह से बदलेगा समीकरण?

किसानों की वजह से बदलेगा समीकरण?

बढ़ती महंगाई और कर्जमाफी को लेकर किसानों ने पहले ही राज्य सरकार और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है, ऐसे में बड़े किसान नेता का पार्टी छोड़ना बीजेपी के लिए कतई अच्छी खबर नहीं कही जा सकती है।

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English summary
Rajasthan Assembly Elections 2018: Manvendra Singh joins Congress, Rampal Jat joins AAP so Bjp in Danger Zone.
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