अब रेलवे का यह मेगा ऐप आपको देगा हर सवाल का जवाब
रेलवे लाने जा रहा है मेगा ऐप, जिसके जरिए आपको हर समस्या का मिलेगा समाधान, रेलवे को इस ऐप से होगा हर साल 100 करोड़ का लाभ
नई दिल्ली। रेलवे से जुड़ी समस्याओं और सवालों के जवाब देने के लिए भारत सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है, सरकार के इस फैसले के बाद अब आपको रेलवे से जुड़ी समस्याओं के लिए यहां-वहां परेशान नहीं होना पड़ेगा। रेलवे एक मेगा ऐप की शुरुआत करने जा रहा है जिसके बाद आपको रेल यात्रा से जुड़े हर सवाल का जवाब इस ऐप के जरिए आसानी से मिल जाएगा।

हर सवाल का जवाब इस ऐप के जरिए
इस मेगा ऐप का नाम है हिंदरेल, जिसके जरिए तमाम समस्याओं का जवाब आपको इस ऐप के जरिए मिलेगा। रेलवे इस नए ऐप को तैयार कर रहा है जिसपर हर तरह के सवाल का जवाब आसानी से हासिल किया जा सकेगा। इस ऐप में ट्रेन के आने का समय, जाने का समय, ट्रेन के विलंब की जानकारी, ट्रेन के रद्द होने की जानकारी, ट्रेन का प्लेटफॉर्म नंबर, ट्रेन का रनिंग स्टेटस से लेकर ट्रेन में कितनी सीटें खाली है, जैसी तमाम जानकारी आसानी से हासिल की जा सकती है।

लोगों की शिकायतों के बाद लिया गया फैसला
जिस तरह से हाल के दिनों में रेलवे को बड़ी संख्या में शिकायते मिल रही है, यात्री ट्रेन में सफर को लेकर कई शिकायतें कर रहे हैं कि रेलवे जो जानकारी मुहैया कराता है वह विश्वसनीय नहीं है, रेलवे द्वारा मुहैया कराई जा रही ट्रेन के चलने और विलंब होने की जानकारी गलत होती है। जिसके बाद रेलवे ने यह बड़ा कदम उठाया है और मेगा ऐप बनाने का फैसला लिया जहां आपको हर तरह की जानकारी सही औऱ सटीक मिल सकेगी।

हर साल 100 करोड़ का लाभ
रेलवे ट्रैफिक बोर्ड के सदस्य मोहम्मद जमशेद ने बताया कि ट्रेनों के छूटने और विलंब की जानकारी सही नहीं हासिल हो पा रही है, लोगों को गलत जानकारी मिल रही है, लेकिन अब जो नया ऐप आने जा रहा है वह ट्रेन को हर समय ट्रैक करेगा और इसके बारे में सही जानकारी लोगों को मुहैया कराएगा। जानकारी के मुताबिक इस ऐप के शुरु होने के बाद रेलवे के कारोबार में हर साल तकरीबन 100 करोड़ रुपये बढ़ोत्तरी होगी।

तमाम सेवाओं को इससे जोड़ा जाएगा
आपको बता दें कि मौजूदा समय में कई ऐसे एप हैं जिसे रेलवे चलाता है और जिसके जरिए लोगों को ट्रेन से संबंधित जानकारी मिलती है। इसमे मुख्य रुप से एसएमएस के जरिए ट्रेन के बारे में जानकारी हासिल करना, नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम, आदि अहम हैं। इसके अलावा ट्रेन में आरक्षण व साधारण टिकट के लिए भी अलग से ऐप है जहां से टिकट हासिल किए जा सकते हैं। इसके अलावा एक और ऐप भी है जिसे आईआरसीटीसी चलाता है उसका नाम है ई-कैटरिंग सर्विसेज का। लेकिन अब अन सभी ऐप को एक ही ऐप में इकट्ठा जोड़ा जाएगा। इस मेगा ऐप पर आपको अलग-अलग ऐप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं है।

जून में आ सकता है यह ऐप
इस मेगा ऐप के नाम के बारे में जमशेद कहते हैं कि हमें इसे बेहतर नाम देना है, लेकिन अभी तक इसका फैसला नहीं किया गया है, लेकिन अभी तक जिस नाम पर चर्चा है वह हिंदरेल ही है। लेकिन अन्य नामों पर भी विचार किया जा रहा है, जिसमें से कुछ अहम नाम हैं मेरी रेल, ई-रेल, माईरेल, रेल अनुभूति आदि। हालांकि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि कितने दिनों के बाद यह ऐप लोगों के बीच होगा, लेकिन माना जा रहा है कि जून माह में यह ऐप काम करना शुरु कर देगा।












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