रेलवे के फ्री WiFi को लोगों ने बनाया अश्लील कंटेंट डाउनलोडिंग का 'अड्डा', ये स्टेशन पहले नंबर पर
नई दिल्ली: रेलवे स्टेशनों पर ज्यादा भीड़ होने के चलते मोबाइल इंटरनेट ढंग से काम नहीं करता था। इस वजह से कई साल पहले रेलवे ने हर बड़े स्टेशन पर वाईफाई सुविधा देने का ऐलान किया, जो पूरी तरह से निशुल्क थी। रेलवे को लग रहा था कि इसका इस्तेमाल लोग ट्रेनों का समय देखने, ऑनलाइन बुकिंग आदि के लिए करेंगे लेकिन अब जो रिपोर्ट सामने आई है, वो हैरान कर देने वाली है।

ये स्टेशन नंबर वन
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक रेलवे स्टेशन पर दी गई वाईफाई सुविधा का गलत इस्तेमाल हो रहा है। वहां पर ज्यादातर यात्री फ्री वाईफाई पाकर अश्लील कंटेंट को देखते या फिर डाउनलोड करते हैं। इस मामले में सिकंदराबाद स्टेशन पहले स्थान पर है। वहां पर दक्षिण मध्य रेलवे (एससीआर) ने यौन सामग्री के अधिकतम डाउनलोड दर्ज किए हैं।

ये तीन स्टेशन भी आगे
सिकंदराबाद के बाद हैदराबाद, विजयवाड़ा और तिरुपति स्टेशन पर ये मामले सबसे ज्यादा देखे गए। रेलवायर चलाने वाले रेलटेल के सूत्रों के मुताबिक सिकंदराबाद और विजयवाड़ा में 35% डाउनलोड अश्लील सामग्री है।

धीमी हो गई बैंडविड्थ
वहीं दक्षिण मध्य रेलवे के सभी डिवीजनों के डेटा को जब देखा गया तो उसमें यूट्यूब के डाउनलोड और अन्य डाउनलोड्स में अश्लील सामग्री सबसे ज्यादा देखने को मिली। एससीआर ने 588 स्टेशनों पर हाई-स्पीड वाईफाई सेवा देने का प्लान बनाया था, लेकिन मौजूदा नेटवर्क की धीमी बैंडविड्थ की वजह से ये योजना सफल नहीं हो पाई। इसके पीछे की वजह अश्लील कंटेंट की डाउनलोडिंग को बताया जा रहा है।

इस 'जुगाड़' का इस्तेमाल
मामले में एक अधिकारी ने बताया कि रोजाना 12 लाख से ज्यादा यूनिक यूजर्स रेलवायर का इस्तेमाल करते हैं। उनके गेटवे डेटा से पता चला कि सर्च और डाउनलोड कंटेंट में अश्लील सामग्री ज्यादा थी। भारत सरकार ने बहुत सी अश्लील वेबसाइट्स को बैन कर रखा है, उस तक पहुंचने के लिए लोगों ने VPN का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि रेलटेल 30 मिनट तक हाईस्पीड इंटरनेट सुविधा दे रहा है, लेकिन उसका गलत इस्तेमाल चिंता का विषय है।












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