राहुल गांधी ने कहा-'केरलवासी मुद्दों पर रखते हैं दिलचस्पी', भड़कीं स्मृति ईरानी, CM योगी ने भी घेरा
तिरुवनंतपुरम। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्नीतला के नेतृत्व में आयोजित 'ऐश्वर्य यात्रा' के समापन पर जनसभा को संबोधित करते हुए यूपी और केरल के लोगों को तुलना करने हुए कुछ ऐसा कहा , जिस पर बवाल मच गया है। दरअसल अपने संबोघन में राहुल गांधी ने केरवासियों की तारीफ करते हुए कहा कि मुझे यहां आना बहुत अच्छा लगता है।
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उन्होंने आगे कहा कि मैं पहले 15 साल के लिए, मैं उत्तर भारत में सांसद रहा। मुझे एक अलग तरह की राजनीति की आदत हो गई थी। मेरे लिए, केरल आना बहुत नया था क्योंकि अचानक मैंने पाया कि लोग मुद्दों में दिलचस्पी रखते हैं, यहां के लोग सिर्फ दिखावे के लिए नहीं बल्कि गहनता से उस पर विचार करते हैं और फिर अपनी बात रखते हैं और मुद्दों पर विस्तार से चर्चा भी करना चाहते हैं, यहां सतही राजनीति नहीं होती है। मैं जब भी यहां आता हूं तो मुझे यहां के लोगों से हर बार कुछ सीखने को मिलता है। हाल ही में मैं अमेरिका में छात्रों से बातचीत कर रहा था तो उन्होंने कहा था कि केरल के लोग काफी सजग और बुद्दिमान हैं और वो जिस तरह से राजनीति करते हैं वो काफी अलग है, इसलिए वो लोग भी केरल आना पसंद करते हैं।

राहुल गांधी के इस बयान पर बवाल मच गया है। अमेठी सांसद स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है, उन्होंने ट्वीट किया है कि 'एहसान फरामोश! इनके बारे में तो दुनिया कहती है- थोथा चना बाजे घना।'
'विभाजनकारी राजनीति आपका राजनीतिक संस्कार'
केवल स्मृति ईरानी ही नहीं बल्कि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी ट्वीट के जरिए राहुल गांधी पर तंज कसा है, उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि 'श्रीमान राहुल जी, सनातन आस्था की तपस्थली केरल से लेकर प्रभु श्री राम की जन्मस्थली उत्तर प्रदेश तक सभी लोग आपको समझ चुके हैं। विभाजनकारी राजनीति आपका राजनीतिक संस्कार है।हम उत्तर या दक्षिण में नहीं, पूरे भारत को माता के स्वरूप में देखते हैं।'

आपको बता दें कि राहुल गांधी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने कहा, 4 लोग केंद्र सरकार को चला रहे हैं। प्रधानमंत्री ने नोटबंदी कर गरीब लोगों की जेब से पैसा लिया। पिछले 6 सालों में रोज़गार पैदा करने वाले क्षेत्र की रीढ़ तोड़ दी गई। किसान और छोटे व्यापरियों को नोटबंदी और GST से फायदा नहीं हुआ।












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