'PM मोदी ने चीनी सेना के सामने जनरल नरवणे को छोड़ दिया था अकेला', राहुल गांधी ने केंद्र पर लगाया गंभीर आरोप
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आज संसद परिसर में पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि जब चीनी टैंक भारतीय सीमा (कैलाश रिज) तक पहुंच गए थे, तब प्रधानमंत्री और पूरी सरकार ने सेना को उसके हाल पर छोड़ दिया था।
संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी ने हाथ में जनरल नरवणे की किताब दिखाते हुए कहा, 'मुझे नहीं लगता कि आज प्रधानमंत्री में लोकसभा आने का दम है। अगर वह आते हैं, तो मैं खुद जाकर उन्हें यह किताब सौंपूंगा ताकि वह इसे पढ़ें और देश को सच्चाई पता चल सके।' उन्होंने आगे कहा कि देश के हर युवा को यह पता होना चाहिए कि इस किताब में क्या लिखा है।

जनरल नरवणे ने रक्षा मंत्री को किया फोन
राहुल गांधी ने पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की किताब का हवाला देते हुए एक घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'जब चीनी टैंक कैलाश रिज तक पहुंच गए थे, तब जनरल नरवणे ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को फोन किया और पूछा कि हमें क्या करना चाहिए? लेकिन राजनाथ सिंह ने कोई जवाब नहीं दिया। जनरल ने एनएसए और विदेश मंत्री जयशंकर से भी संपर्क किया, लेकिन वहां से भी कोई उत्तर नहीं मिला।'
राहुल ने आगे कहा, 'जब जनरल ने दोबारा राजनाथ सिंह को फोन किया, तो उन्होंने कहा कि वह 'टॉप' (प्रधानमंत्री) से पूछकर बताएंगे। 'टॉप' से आदेश आया कि अगर चीनी सेना अंदर आती है, तो बिना अनुमति उन पर गोली न चलाई जाए। जबकि हमारी सेना उन पर फायरिंग करना चाहती थी क्योंकि वे हमारी जमीन पर थे।'
PM मोदी पर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने का आरोप
प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा, 'नरेंद्र मोदी जी ने संदेश भेजा कि- 'जो उचित समझो वो करो'। इसका सीधा मतलब है कि पीएम ने अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की। उन्होंने सेना प्रमुख से कह दिया कि जो करना है करो क्योंकि मेरे बस की बात नहीं है। किताब में नरवणे जी ने लिखा है कि उस वक्त मैंने खुद को बिल्कुल अकेला महसूस किया, जैसे पूरे एस्टेब्लिशमेंट (शासन) ने मुझे छोड़ दिया हो।'












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