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कांग्रेस के 132 साल के इतिहास में जो कभी नहीं हुआ, उसकी तैयारी में राहुल गांधी

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नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी के प्रदर्शन को बेहतर करने के लिए खुद पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी सामने आए हैं। राहुल गांधी ने पार्टी के तमाम राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के प्रदर्शन का हर महीने समीक्षा करने का फैसला लिया है। अब इन तमाम नेताओं के काम की हर महीने समीक्षा की जाएगी। पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं ने इस खबर की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पार्टी के अलग-अलग स्तर के नेताओं जिसमे महासचिव, प्रदेश अध्यक्ष, सचिव आदि शामिल हैं के काम की हर महीने समीक्षा की जाएगी। पार्टी के तमाम नेताओं को हर महीने की 10 तारीख को अप्रैजल फॉर्म दिया जाएगा, जिसे उन्हें भरकर अशोक गहलोत को सौंपना होगा, जिसकी समीक्षा हर महीने की 15 तारीख को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी करेंगे।

132 साल के इतिहास में पहली बार

132 साल के इतिहास में पहली बार

पार्टी नेता ने बताया कि समीक्षा के फॉर्म ट्रेनिंग एंड ऑर्गेनाइजेशन के महासचिव अशोक गहलोत को सौंपा जाएगा, जो इन फॉर्म पर अपने इनपुट देंगे और इस फॉर्म को कांग्रेस अध्यक्ष को हर महीने की 10 तारीख को सौंपेंगे। कांग्रेस के 132 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जब राहुल गांधी ने पार्टी के भीतर कॉर्पोरेट तरीके से पदाधिकारियों के काम की समीक्षा करने का फैसला लिया है। इससे पहले 2013 में लोकसभा चुनाव से पहले तमाम प्रदेश अध्यक्ष को यह जिम्मेदारी दी गई थी कि वह अपने काम का आंकलन करें।

काम की जानकारी देनी होगी

काम की जानकारी देनी होगी

तमाम पदाधिकारियों को जो फॉर्म दिया जाएगा उसमे इस बात की जानकारी देनी होगी कि उन्होंने कितनी बार राज्य का दौरा किया, उन्हें इस बात की भी जानकारी देनी होगी कि उन्होंने अलग-अलग जिलों, तहसील आदि में कितनी जनसभाएं की, बैठक की, लोगों से मुलाकात की। साथ ही हर महीने इन नेताओं को तमाम कमेटियों के काम की भी जानकारी देनी होगी। लेकिन अगर किसी वजह से इन कमेटियों का गठन नहीं किया गया है तो इसकी जानकारी देनी होगी कि ऐसा क्यों नहीं किया गया।

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कितने विवाद सुलझाए यह भी बताना होगा

कितने विवाद सुलझाए यह भी बताना होगा

इन नेताओं को तमाम बैठक और जनसभाओं के अलावा इस बात की भी जानकारी देनी होगी कि इन लोगों ने कितने विवादों को सुलझाया, साथ ही ट्रेनिंग कैंप, चुनाव की तैयारी की जानकारी देनी होगी। इसके अलावा पार्टी की सोशल मीडिया पर मौजूदगी, रैलियों में लोगों की मौजूदगी आदि की भी जानकारी देनी होगी। रैली के दौरान लोगों की समस्याओं की भी जानकारी देनी होगी। पार्टी के एक अन्य नेता ने बताया कि यह फैसला नेताओं की जवाबदेयी तय करने के लिए लिया गया है, जिससे कि पार्टी को और मजबूत किया जा सके। इससे यह भी तय किया जाएगा कि पार्टी में इस नेता को उसके पद पर रहना है या नहीं।

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English summary
Rahul Gandhi to begin corporate style review of party leaders. This will determine the accountibilty.
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