फ्रेंच जेट रफाल से जुुड़ी कुछ खास बातें जो जल्द ही बनेगा आईएएफ का हिस्सा
नई दिल्ली। फ्रेंच जेट रफाल जल्द ही इंडियन एयरफोर्स का हिस्सा बनने वाला है। पहली बार इसे भारतीयों ने उस समय देखा था जब वर्ष 2015 में हुए एरो-इंडिया शो में इसने अपना आगाज किया था। खास बात है कि राफाल को इंडियन एयरफोर्स में शामिल करने की बातें उस समय हो रही हैं, जब रूस और भारत मिलकर पांचवीं पीढ़ी के सुखोई का निर्माण कर रहे हैं। [एयरो इंडिया की बेहतरीन तस्वीरें]
रफाल जेट आईएएफ के लिए हल्के कॉम्बेट जेट और भारी कॉम्बेट जेट के बीच के अंतर को खत्म करेगा। आइए एक नजर डालते हैं इस जेट से जुड़ी इसकी कुछ खासियतों पर।
सभी मिशन के लिए तैयार है राफेल
- रफाल को फ्रांस की सेनाओं को हर मिशन में सफलता मिल सके, इस मकसद से ही तैयार किया गया है।
- एयर डिफेंस में राफाल का कोइ्र सानी नहीं है।
- विशेषज्ञों की मानें तो यह सुखोई की तुलना में हल्का है, इस वजह से यह मिशन को आसानी से पूरा कर सकता है।
- हवा से समंदर में अगर निशाना लगाने की बात हो तो राफाल को बेस्ट माना जाता है।
- किसी भी जगह के सैनिक सर्वेक्षण में भी रफाल बेहतर है।
सेंसर्स और डाटा संग्रहीकरण
- रफाल को बनाने वाली कंपनी डसाॅल्ट की मानें तो रफाल को दुनिया के एडवांस सेंसर्स के साथ तैयार किया गया है।
- इसमें इंस्टाॅल एक्टिव इलेक्ट्रिकली स्कैंड ऐरे रडारा यानी एईएसए इसे एक अलग ही जेट की कैटेगरी में लाकर खडा कर देती है।
- फ्रंट सेक्टर आॅपट्रोनिक सिस्टम यानी एफएसओ और नेटवर्क सेंट्रिक डाटा लिंक इसके डाटा संग्रह की क्षमता को और मजबूत बनाता है।
और भी हैं खूबियां
- रफाल टि़वन इंजन क्षमता से लैस है और इसकी यही खूबी इसे बेहतरीन जेट बनाती है।
- हथियारों और ईधन के साथ भी रफाल दोगुनी क्षमता से टेक आॅफ करता है।
- अगर रफाल किसी जंगल, पहाडों, रेगिस्तान और महासागरों या फिर काफी निचले स्तर से उडान भरता है तो भी इसे कोई दिक्कत नहीं होती है।
- रफाल ने हर मौसम में उडान का अनुभव हासिल किया है।
- यह हर मौसम में परफाॅर्म कर सकता है।













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