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रंजन गोगोई को राज्यसभा भेजे जाने पर उठे सवाल, थरूर ने पुराने बयानों की दिलाई याद

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को राज्यसभा के लिए नामित किया गया है। केंद्र सरकार की ओर से सोमवार देर शाम जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई को राज्यसभा के लिए नामित किया है। रंजन गोगोई को राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने को लेकर विपक्षी दलों ने तीखा हमला बोला है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट किया, 'क्या यह 'इनाम है'? लोगों को जजों की स्वतंत्रता में यकीन कैसे रहेगा? कई सवाल हैं।

Questions raised about Ranjan Gogoi being sent to Rajya Sabha
    Ranjan Gogoi को Rajya Sabha भेजने पर Randeep Surjewala का तंज, जानें क्या कहा | वनइंडिया हिंदी

    वहीं मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्विटर पर दो खबरें शेयर करते हुए यह टिप्पणी की। उन्होंने जो खबरें शेयर की हैं उनमें से एक में गोगोई को राज्यसभा के लिए मनोनीत किये जाने की है और दूसरी में कहा गया है कि न्यायपालिका पर जनता का विश्वास कम होता जा रहा है। सुरजेवाला ने ये खबरें शेयर करते हुए कहा, ''तस्वीरें सबकुछ बयां करती हैं। रणदीप सुरजेवाला ने गोगोई का नाम लिए बगैर ट्वीट किया है, 'नमो संदेश -: या तो राज्यपाल, चेयरमैन और राज्यसभा। वरना तबादले झेलो या इस्तीफ़े देकर घर जाओ।'

    वहीं कांग्रेसी सांसद शशि थरूर ने ट्वीट किया है, 'जजों के रिटायरमेंट के बाद उन्हें कोई पद दिए जाने पर पूर्व कनून मंत्री अरुण जेटली और पूर्व बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी के पुराने बयान पर गौर किया जा जाना चाहिए। बीजेपी के पूर्व नेता यशवंत सिन्हा ने लिखा है, 'मुझे उम्मीद है कि पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई राज्यसभा सीट की पेशकश को ठुकरा देंगे अन्यथा वह न्यायपालिका की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाएंगे।'

    राजद के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने ट्वीट कर कहा है, 'यह मत भूलिए कि वह (रंजन गोगोई) वही हैं जिन्होंने कहा था कि 'लोकतंत्र खतरे में है' । इनकी नियुक्ति इस बात की भविष्यवाणी करता है। जय हिन्द।'

    वहीं तेलंगाना कांग्रेस ने रंजन गोगोई की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा ट्वीट किया कि, रिटायरमेंट से पहले के फैसले रिटायरमेंट के बाद की नौकरी के महत्वाकांक्षा से प्रभावित थे। 1-असम एनआरसी, राफेल पर फैसला, अयोध्या विवाद, धारा 370 को लेकर रुख, सीबीआई के डायरोक्टर के पद से आलोक वर्मा को हटाना। रंजन गोगोई को इसी का भारी ईनाम मिला है। बता दें कि, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में रंजन गोगोई का कार्यकाल करीब साढ़े 13 महीने का रहा। इस दौरान उन्होंनें कुल 47 फैसले सुनाए, जिनमें से कुछ ऐतिहासिक फैसले भी शामिल हैं।

    राज्यसभा सदस्य के तौर पर मनोनीत किए गए पूर्व CJI रंजन गोगोई

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    English summary
    Questions raised about Ranjan Gogoi being sent to Rajya Sabha
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