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राहुल गांधी द्वारा सांसदों को धक्का देने पर भड़के किरेन रिजिजू, कहा-'संसद कोई कुश्ती का मैदान नहीं'

Push-Pull Incident In Parliament: संसद के भीतर एक अभूतपूर्व घटनाक्रम में भाजपा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर अपने दो सांसदों प्रताप सिंह सारंगी और मुकेश राजपूत को कथित रूप से धक्का देने और घायल करने का गंभीर आरोप लगाया है। भाजपा के अनुसार यह घटना संसद के गरिमामय माहौल को अपमानित करने वाली थी। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस कृत्य को संसद के मर्यादित आचरण के विपरीत बताते हुए तीखी निंदा की और कहा कि संसद कोई कुश्ती का मैदान नहीं है।

भाजपा का आरोप और प्रतिक्रिया

भाजपा नेताओं ने दावा किया कि राहुल गांधी ने विधायी विमर्श के बजाय शारीरिक शक्ति का सहारा लिया। रिजिजू ने शिष्टाचार और लोकतांत्रिक संवाद की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि यदि हर सांसद विवाद सुलझाने के लिए ऐसा व्यवहार करेगा तो संसद में अराजकता पैदा हो जाएगी। उन्होंने व्यंग्यात्मक रूप से पूछा कि क्या राहुल गांधी ने राजनीतिक असहमति को हल करने के लिए मार्शल आर्ट का सहारा लिया है।

kiren rijiju

भाजपा सांसद मुकेश राजपूत जो इस घटना में कथित रूप से घायल हुए। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने उन्हें और अन्य भाजपा सांसदों को जानबूझकर धक्का दिया। राजपूत के अनुसार इस घटना में उनके सिर में गंभीर चोट आई। जिसके कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। कानपुर के भाजपा सांसद रमेश अवस्थी ने भी इस बयान की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने मुश्किल से अपना संतुलन बनाए रखा। जबकि राजपूत गिरकर घायल हो गए।

राहुल गांधी का मामले पर पक्ष

दूसरी ओर राहुल गांधी ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया और दावा किया कि पूरी घटना कैमरे में कैद है। उन्होंने कहा कि भाजपा सांसदों ने उन्हें संसद में प्रवेश करने से रोकने का प्रयास किया और धमकी दी। गांधी ने कहा कि इस तरह के टकराव से कोई समाधान नहीं निकलता। भाजपा मुझे संसद में बोलने से नहीं रोक सकती।

प्रधानमंत्री और भाजपा की कड़ी प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कथित रूप से घायल भाजपा सांसदों सारंगी और राजपूत से व्यक्तिगत रूप से बात की और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और शिवराज सिंह चौहान समेत अन्य भाजपा नेताओं ने भी इस घटना को संसदीय मर्यादा का उल्लंघन और लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान करार दिया।

राजनीतिक संघर्ष की नई परत

यह घटना न केवल संसद के भीतर बल्कि पूरे देश में राजनीतिक बहस का विषय बन गई है। भाजपा इसे राहुल गांधी की सामंती मानसिकता और गुंडागर्दी का प्रमाण मान रही है। जबकि कांग्रेस इसे भाजपा की रणनीतिक रूप से बदनाम करने की साजिश बता रही है।

लोकतांत्रिक संस्थानों की पवित्रता पर सवाल

संसद में इस तरह की शारीरिक झड़प और आरोप-प्रत्यारोप से भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा पर सवाल उठ रहे हैं। यह घटना राजनीतिक दलों के बीच गहरी वैचारिक और रणनीतिक खाई को उजागर करती है।

जैसे-जैसे जांच और बहस आगे बढ़ेगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस विवाद का समाधान कैसे होता है और भारतीय लोकतंत्र पर इसके क्या प्रभाव पड़ते हैं।

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