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सतलज और व्यास नदियों में भयंकर प्रदूषण से कई जानवरों की मौत, NGT ने पंजाब सरकार पर ठोका 50 करोड़ का जुर्माना

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नई दिल्ली। सतलज और व्यास नदी को प्रदूषित करने के आरोप में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने पंजाब सरकार पर 50 करोड़ रुपये का जुर्माना ठोका है और इसके लिए कैप्टन अमरिंदर सरकार को एक सप्ताह का वक्त देते हुए पैसे डिपॉजिट करने के लिए कहा है। भयंकर प्रदूषण की वजह से दोनों नदियों में कई जानवर मृत पाए गए थे, जिसके बाद सतलज और व्यास नदियां चर्चा में आई थी। गुरदासपुर जिले की चीनी फैक्ट्रियों को इसके लिए जिम्मेदार माना जा रहा है।

सतलज,व्यास में प्रदूषण की वजह से पंजाब सरकार पर लगा जुर्माना

प्रदूषित हो रही व्यास और सतलत नदियों को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए पंजाब आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों ने एनजीटी पहुंचकर शिकायत दर्ज करवाई थी। एनजीटी को मिली शिकायत के अनुसार, सतलज और व्यास नदियों में सुगर मिल की फैक्ट्रियों से निकलने वाले प्रदूषण और सीवेज जिम्मेदार है।

उनकी याचिकाओं के आधार पर मई में एनजीटी ने केंद्र और राज्य सरकार से प्रतिक्रिया मांगते हुए आस-पास के क्षेत्रों का निरीक्षण करने का आदेश दिया था। जस्टिस जावेद रहीम ने संयुक्त प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को संयुक्त निरीक्षण करने का निर्देश दिया था।

पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बेंच ने सीपीसीबी और राज्य बोर्ड से दोनों नदियों से नमूनों को इकट्ठा करने के लिए कहा था जिसमें आवेदन में कथित स्पॉट शामिल थे। आप के सांसदों ने अपनी याचिका में दावा किया था कि नदी में प्रदूषण रिसाव के कारण हुआ था, जिसके लिए चीनी मिलों को पूरी छुट दी जा रही थी। उन्होंने नदियों में तैरती मृत मछलियों की तस्वीरें भी पेश की थी।

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English summary
Punjab govt fined Rs 50 crore by NGT over pollution in Beas, Satluj
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