Pulwama Attack: सीआरपीएफ काफिले पर हमले में एक और बड़ा खुलासा
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दिल्ली। पुलवामा में जिस तरह से 14 फरवरी को आतंकियों ने सीआरपीएफ के दस्ते पर फिदायीन हमला किया उसमे 40 जवान शहीद हो गए थे। जिसके बाद इस मामले में जांच चल रही है। जांच में यह बात सामने आई है कि गाड़ी के भीतर गैलन में विस्फोटक को रखा गया था, जिसके कुछ टुकड़ों को मौके से जांच एजेंसी ने बरामद किया है। यह कैन तकरीबन 20-35 लीटर का था, लिहाजा में अधिकतम 30 किलोग्राम से अधिक आरडीएक्स नहीं रखा जा सकता था। माना जा रहा है कि इसी विस्फोटक के जरिए सीआरपीएफ के दस्ते पर विस्फोट किया गया था। id="toptextpromo"> id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'>
लाल रंग की इको से हमला
बता दें कि इस हमले की जांच एनआईए और जम्मू कश्मीर की पुलिस मिलकर कर रही हैं। जांच एजेंसियों को एक लोहे का टुकड़ा मिला है जिसपर कुछ नंबर लिखे हैं। माना जा रहा है कि यह गाड़ी का चेसिस नंबर है, जिसके आधार पर जांच एजेंसियों ने गाड़ी के मालिक का पा लगा लिया है, लेकिन जो गाड़ी इस नंबर पर रजिस्टर है उसका इस्तेमाल इस हमले में नहीं किया गया है। बता दें कि जांच में यह बात सामने आई है कि हमले के लिए आतंकियों ने लाल रंग की मारूति ईको को का इस्तेमाल किया था, जिसमे आईईडी और डिटोनेटर रखा हुआ तआ, जिसकी वजह से सीआरपीएफ के काफिले में आने की वजह से विस्फोट हो गया था।

मेटल का टुकड़ा मिला
बता दें कि सीआरपीएफ का यह दस्ता जम्मू से श्रीनगर जा रहा था, इसी दौरान दस्ते पर हमला हुआ था। आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। जैश ने दावा किया था कि उसके रिक्रूट आदिल अहमद दार ने ही इस हमले को अंजाम दिया था। उसी ने हाईवे पर कार को पहुंचाया और दस्ते में विस्फोट किया था। सूत्रों का कहना है कि मौके से जांच एजेंसी को कार का एक बंपर मिला था, साथ ही एक गैलन के टुकड़े और लोहे की एक प्लेट मिली थी जिसमे कुछ नंबर लिखे थे।

मालिक का पता लगाना मुश्किल
जांच कर रहे एक अधिकारी ने बताया विस्फोटक को एक गैलन से बांधा गया था, लेकिन इस तरह से गाड़ी के मालिक का पता लगाना मुश्किल है। इसर इस तरह का कोई निशान भी नहीं है जिससे यह पता चल सके कि यह कार कहां से खरीदी गई थी या फिर इसे किस कंपनी ने बनाया था। वहीं चेसिस के टुकड़े से भी कोई खास जानकारी हासिल नहीं हो सकी है। इस चेसिस नंबर को कार से मिलाया गया, जिसके बाद जांचकर्ता कार के मालिक के पास पहुंचे लेकिन इसमे कोई दिक्कत सामने नहीं आई है।

जांच में निराशा
जांच अधिकारी ने बताया कि हमे सिर्फ एक सुराग मिला था, जिसके आधार पर हम जांच कर रहे थे। संभवत: मेटल का टुकड़ा मिला है वह चेसिस का टुकड़ा नहीं है और संयोगवश यह एक गाड़ी की चेसिस से मैच कर गया। कार का कोई भी हिस्सा बचा नहीं है,जिससे हम कार के बारे में कोई जानकारी हासिल कर सके। हमने तकरीबन 100 सैंपल इकट्ठा किया था, हर सैंपल की जांच चल रही है।

14 फरवरी को हुआ था हमला
बता दें कि 14 फरवरी को पुलवामा में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। यह हमला उस वक्त किया गया था जब सेना 78 वाहनों में सीआरपीएफ के 2500 से अधिक जवानों का दस्ता गुजर रहा था। इसी दौरान एक तेज रफ्तार कार ने दस्ते में फिदायीन हमला कर दिया था। इस हमले के बाद देशभर के लोगों में जबरदस्त गुस्सा है और लोग इस हमले का बदला लेने की बात कर रहे हैं। इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने ली है।
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