• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

Video: खड़ी कार में होता रहा रेप, चीखती रही लड़की और लोगों को फर्क नहीं

|

Rape in car
नई दिल्‍ली। बलात्‍कार की बढ़ती घटना न सिर्फ पीडि़ता की ही अस्मिता को लूट रही है बल्कि भारत देश की इज्‍जत भी अन्‍य देशों में उछाल रही है। कानून अंधा होता है ये तो सुना था लेकिन अब बहरा भी हो गया, बाद में पता चला। इतिहास के पन्‍नों को पलटा जाए तो किसी को भी यह ज्ञात नहीं होगा कि बलात्‍कार का शिकार होने वाली लड़कियां जीवन को किस अंदाज में जीती हैं?

बलात्‍कार जैसे जघन्‍य अपराध के लिए आम जन सड़कों पर उतरकर गांधी की प्रतिमा तक कैंडल मार्च जरूर करता है लेकिन कोई भी आम जन ये कतई नहीं सोचता की एक बार बलात्‍कार को रोका कैसा जाए? बलात्‍कार की घटनाओं को लेकर आम जन कितना सजग है इसका प्रयोग किया। प्रयोग के दौरान एक वैन कार को सड़क के किनारे सुन-सान इलाके में खड़ा कर दिया गया। रात का समय हुआ, थोड़ी देर बाद कार में रखे लड़की के चिल्‍लाने का ऑडियो क्लिप बजा दिया गया।

<center><iframe width="100%" height="390" src="//www.youtube.com/embed/9Dms1FCc4hc" frameborder="0" allowfullscreen></iframe></center>

आडियो क्लिप के बजाते ही हम दूर खड़े हो गए ताकि यह देखा जा सके कि आख्‍ािर कितने लोग यह आवाज सुनकर कार के पास लड़की को बचाने आते हैं। आवाज सुनने के बाद जो भी राहगीर वहां से गुजरा उसमें से कुछ तो डर के मारे जल्‍दी से वहां भाग गए। अधिकांश लोग ऐसे थे जिन्‍होंने वहीं खड़े होकर आवाज सुनने का ही मजा लिया। कुछ लोग सिर्फ फुसफुसाते हुए भाग खड़े हुए।

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
In India rape or gang rape is become very common. In a public survey we found that normal public do not take any positive steps regarding this case.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more