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नागरिकता संशोधन बिल का भारी विरोध, असम में सड़क पर उतरे लोग, त्रिपुरा और मणिपुर में भी प्रदर्शन

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नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन बिल 2019 हंगामे के बीच लोकसभा में पास हो गया है। राज्यसभा में बिल का पास होना बाकी है। इस बिल का अधिकतर विपक्षी दल भारी विरोध कर रहे हैं। बिल को लेकर उत्तरपूर्वी राज्यों असम, मणिपुर और त्रिपुरा में भारी विरोध प्रदर्शन हो रहा है।

12 घंटे की हड़ताल

12 घंटे की हड़ताल

असम में कई संगठनों ने 12 घंटे की हड़ताल बुलाई है, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। सबसे ज्यादा खराब हालात गुवाहाटी के हैं। यहां दुकानें, स्कूल कॉलेज अभी भी बंद हैं। प्रदर्शनों के चलते लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान जाने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच गुवाहाटी, डिब्रूगढ़ और कॉटन यूनिवर्सिटी की परीक्षा रद्द कर दी गई हैं।

क्या है बिल?

क्या है बिल?

इस विधेयक के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न के शिकार गैर मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है। विपक्ष इस बिल का लगातार विरोध कर रहा है।

प्रदर्शनकारी टायर जला रहे हैं

प्रदर्शनकारी टायर जला रहे हैं

कई स्थानों पर प्रदर्शनकारी टायर जला रहे हैं, राष्ट्रीय हाईवे ब्लॉक कर रहे हैं और स्टूडेंट यूनियन के कार्यकर्ता तो रविवार शाम सड़कों पर नग्न होकर प्रदर्शन करने लगे। इस बिल को लेकर उत्तरपूर्व के मूल निवासियों का कहना है कि बाहर से आकर नागरिकता लेने वाले लोगों से उनकी पहचान और आजीविता को खतरा है। हालांकि पुलिस सड़कों से प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए उन्हें हिरासत में ले रही है। नलबारी नगर में असम गण परिषद के तीन मंत्रियों के खिलाफ विभिन्न स्थानों पर पोस्टर चिपकाए गए हैं।

पुलिस-प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प

पुलिस-प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प

डिब्रूगढ़ और गुवाहाटी में वाहनों के लिए रास्ता बनाने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से हटने को कहा, जिसके चलते पुलिस और उनके बीच झड़प हो गई। पुलिस ने इन लोगों पर लाठीचार्ज भी किया है। इन प्रदर्शनों के कारण पर्यटकों को भी काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इन्हें बंद के कारण सार्वजनिक वाहन नहीं मिल पा रहे हैं। यहां तक कि पर्यटक हवाईअड्डे और रेलवे स्टेशन तक भी नहीं जा पा रहे हैं।

त्रिपुरा में भी भारी विरोध

त्रिपुरा में भी भारी विरोध

अगर त्रिपुरा की बात करें तो यहां भी बिल के विरोध में प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। सोमवार को भी भाजपा की सहयोगी इंडीजीनस पीपल फ्रंड ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) सहित अन्य आदिवासी समूहों ने बंद का आयोजन किया है। कोई भी अप्रिय घटना ना हो इसके लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) सहित भारी संख्या में बलों की तैनात किया गया है।

मणिपुर में आंदोलन

मणिपुर में आंदोलन

मणिपुर में भी नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ शुरू किए गए आंदोलन के कारण सोमवार को सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा। ये विरोध 9 दिसंबर को शुरू हुआ जो 11 दिसंबर तक रहेगा। इन लोगों का कहना है कि ये आश्वासन चाहते हैं कि ये बिल ना तो मणिपुरा में और ना ही उत्तरपूर्वी राज्यों में लागू हो। हालांकि यह बिल असम, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा और मणिपुर के आदिवासी इलाकों पर लागू नहीं होगा। गृहमंत्री अमित शाह भी कह चुके हैं कि संस्कृति संरक्षण के लिए मणिपुर को इनर लाइन परमिट में शामिल कर लिया गया है।

नागरिकता संशोधन विधेयक 2019: बिल को लोकसभा में पेश करने के समर्थन में 293 मत

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English summary
protests in assam and tripura against citizenship amendment bill 2019, which is already pass inlok sabha.
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