लोकसभा चुनाव 2019: कलियाबोर लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली। असम की कलियाबोर लोकसभा सीट पर इस वक्त कांग्रेस पार्टी के नेता गौरव गोगोई सांसद हैं। उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के मृणाल कुमार को 93,874 वोटों से हराकर यह सीट अपने नाम की थी। कालियाबोर असम के नौगांव जिले का एक सब-डिवीजन टाउन है। जो नागांव शहर से 48 किमी पूर्व में स्थित है। नौगांव लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र (निर्वाचन क्षेत्र संख्या 11) में कुल मतदाताओं की संख्या 14,57,865 है। इनमें से 7,52,785 मतदाता पुरुष हैं और 7,05,080 महिलाएं हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में 11,66,490 लोगों मतदान किया था। इनमें 6,05,292 मतदाता पुरुष और 5,61,198 मतदाता महिलाएं थी। 2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर कुल 80 फीसदी मतदान हुआ था।

राजनीतिक घटनाक्रम:
1967 में इस सीट पर पहली बार चुनाव हुए थे। यहां से कांग्रेस के बी बरुआ पहले सांसद चुने गए थे। बी बरुआ 1967 से 1977 तक के बीच तीन बार इस सीट से सांसद बने। 1985 में इस सीट से निर्दलीय उम्मीदवार भद्रेश्वर तांती सांसद बने। उन्होंने तरुण गोगोई को हराया था। 1991 में यहां से तरुण गोगोई जीते। कलियाबोर कांग्रेस की ही सीट रही है। असम गण परिषद के हाथों कांग्रेस 1984 और 1996 में इस सीट से हारी। तरुण गोगोई 1991, 1998, 1999 में इस सीट से सांसद रहे।
तरुण गोगोई के बाद उनके भाई दीप गोगोई 2004, 2009 में इस सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते। इसके बाद इस सीट से गोगोई परिवार के गौरव गोगोई 2014 में सांसद चुने गए। इस लोकसभा के अंतर्गत 10 विधानसभाएं आती हैं। इनमें धींग, बतद्रबा, रूपोहिहत,समगुरि, कलियाबोर, सरुपाथर, बोकाखाट, गोलाघाट, खुमताई , डौरगाँव (SC)आती है। 1985 के 2014 के बीच यहां पर इस सीट पर 6 बार कांग्रेस और 1 बार असम गण परिषद जीती है।
मौजूदा सांसद के बारे में:
मौजूदा सांसद गौरव गोगोई (36) कलियबोर के गोगोई पारिवार के चौथे सदस्य है। जो सांसद बने हैं। तरुण गोगोई के बेटे गौरव स्नातक पास है। वे एक सोशल वर्कर और बिजनेसमैन हैं। उनकी पत्नी का नाम एलिजाबेथ गोगोई है। अगर हम उनके पांच साल के कार्यकाल पर नजर डालें तो उन्होंने पांच साल में लोकसभा में 280 प्रश्न पूछे, जबकि उन्होंने 82 डिबेट में हिस्सा लिया। वहीं अगर उनकी लोकसभा में उपस्थिति की बात करें तो वे मई 2014 से दिसंबर 2018 के बीच उनकी उपस्थिति 78 फीसदी रही। कलियाबोर एक ग्रामीण सीट है। यहां पर इस बार के चुनाव में किसानों के मुद्दे और नेशनल वोर्टस रजिस्टर, नागरिकता के कानून में बदलाव के अलावा असम अकार्ड को लागू करना अहम मुद्दे रहेंगे।
सीट के बारे में:
- कलियाबोर ब्रह्मपुत्र नदी का घर माना है जो इसे उत्तर में घेरती है।
- समृद्ध चावल उत्पादन के कारण यह संसदीय क्षेत्र राज्य में वाणिज्यिक और व्यापारिक बिंदु के रूप में महत्वपूर्ण है।
- कलियाबोर क्षेत्र को "असम का चावल का कटोरा" कहा जाता है।












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