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लोकसभा चुनाव 2019: हरिद्वार लोकसभा सीट के बारे में जानिए

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नई दिल्ली। धार्मिक नगरी के नाम से मशहूर हरिद्वार, उत्तराखंड की पांच लोकसभा सीटों में से एक है। वर्तमान में हरिद्वार से भारतीय जनता पार्टी के नेता और साल 2009 से साल 2011 तक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे रमेश पोखरियाल निशंक सांसद हैं। रमेश पोखरियाल निशंक ने 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की प्रत्याशी रेणुक रावत को 177822 वोटों के भारी अंतर से हराया था। इस चुनाव में निशंक को 592320 और रेणुका रावत को 414498 वोट मिले थे। तीसरे स्थान पर रहे बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार हाजी मोहम्मद इस्लाम ने 113663 और चौथे नंबर पर रहीं आम आदमी पार्टी की प्रत्याशी कंचन चौधरी ने 18170 वोट हासिल किए थे। 2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर कुल 1175692 मतदाताओं ने अपने वोट का इस्तेमाल किया।

haridwar

2011 की जनगणना के मुताबिक हरिद्वार उत्तराखंड का सबसे बड़ी आबादी वाला जिला है। उत्तराखंड के कई मुख्य शहर जैसे भेल रानीपुर, रुड़की, मंगलौर, ढंडेरा, झबरेड़ा, लक्सर, लंढौरा और मोहनपुर मोहम्मदपुर इस जिले के अंतर्गत ही आते हैं। हरिद्वार जनपद में हरिद्वार, भेल रानीपुर, ज्वालापुर, भगवानपुर, झबरेड़ा, पिरान कलियर, रुड़की, खानपुर, मंगलौर, लक्सर और हरिद्वार ग्रामीण कुल 11 विधानसभा सीटें आती हैं। साल 2000 में उत्तराखंड अलग राज्य बनने के बाद 2004 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के राजेंद्र कुमार बदी यहां से सांसद चुने गए। इसके बाद 2009 के लोकसभा चुनाव में यह सीट कांग्रेस के खाते में गई और हरीश रावत यहां से लोकसभा के सांसद बने। हरिद्वार में दलित और अल्पसंख्यक वोटों की भी बड़ी संख्या है इसलिए इस सीट पर बसपा तीसरे नंबर पर रही।

लोकसभा में कैसा रहा निशंक का प्रदर्शन

अब बात करते हैं इस सीट से सांसद रमेश पोखरियाल निशंक की। निंशक 1991 में पहली बार यूपी की कर्णप्रयाग सीट से विधानसभा का चुनाव जीतकर विधायक बने। उस समय उत्तराखंड राज्य का गठन नहीं हुआ था और कर्णप्रयाग यूपी में आता था। इसके बाद 1993 और 1996 के विधानसभा चुनाव में भी निशंक ने इसी सीट से जीत हासिल की। 1997 में उन्हें उत्तरांचल विकास मंत्री बनाया गया। उत्तरांखड राज्य का गठन होने के बाद साल 2009 से 2011 तक निशंक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे। 2012 में निशंक देहरादून की डोइवाला विधानसभा सीट से चुनाव जीते और इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में हरिद्वार सीट से चुनाव जीतकर सांसद बने। निशंक ने लोकसभा में कुल 363 प्रश्न पूछे। सदन में उनकी उपस्थिति 87% रही और उन्होंने 120 चर्चाओं में हिस्सा लिया।

हरिद्वार का क्या है महत्व

उत्तराखंड की सियासत में हरिद्वार लोकसभा सीट का काफी महत्व है। यूपी की सीमा से सटे हरिद्वार में कई प्रसिद्ध धार्मिक स्थल होने के कारण इसे धार्मिक नगरी भी कहा जाता है। हरिद्वार से ही गंगा नदी पहाड़ी इलाकों से आगे बढ़ते हुए मैदानी क्षेत्र में प्रवेश करती है, इसलिए हरिद्वार को 'गंगाद्वार' के नाम से भी जाना जाता है। सुप्रसिद्ध हर की पौड़ी यहीं स्थित है। दो प्रमुख तीर्थ स्थलों मनसा देवी और चंडी देवी के मंदिर भी हरिद्वार में ही स्थित हैं, जहां दर्शनों के लिए पहाड़ों पर चढ़ाई करके जाया जाता है। उत्तर भारत के सबसे बड़े मेलों में से एक कांवड़ मेला यहीं लगता है, जिसमें यूपी, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान तक से लोग पहुंचते हैं। उत्तराखंड राज्य के चार प्रमुख तीर्थ स्थलों का प्रवेश द्वार भी हरिद्वार ही है। इसके अलावा शान्तिकुंज आक्षम भी हरिद्वार में गंगा तट पर स्थित है, जहां अखिल भारतीय गायत्री परिवार का मुख्यालय है। इनके अलावा बाबा रामदेव द्वारा स्थापित योग शिक्षा का सबसे बड़ा संस्थान पतंजलि योगपीठ हरिद्वार में ही है।

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English summary
Profile Of Haridwar Lok Sabha Constituency.
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