लोकसभा चुनाव 2019- महाराजगंज लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की महाराजगंज लोकसभा सीटल से इस वक्त भाजपा के पंकज चौधरी सांसद हैं, उन्होंने साल 2014 के लोकसभा चुनावों में बसपा के काशीनाथ शुक्ला को 240458 वोटों से हराया था। सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य की जन्मस्थली महाराजगंज जिले की स्थापना 2 अक्टूबर 1989 को हुई थी, ये गोरखपुर से अलग होने के बाद अस्तित्व में आया था। यह यूपी के उन 34 जिलों में से एक है जिन्हें अति पिछड़ा अनुदान निधि कार्यक्रम के तहत सहायता राशि मिलती है। यहां की औसत साक्षरता दर 52.86% है जिसमें पुरुषों की साक्षरता दर 63.81% और महिलाओं की साक्षरता दर 41.25% है। 1952 में यहां पहली बार आम चुनाव हुए थे, जिसे कि निर्दलीय नेता शिब्बन लाल सक्सेना ने जीता था, इसके बाद वाले चुनाव में भी शिब्बन लाल सक्सेना ही सांसद के पद पर विराजमान रहे। साल 1962 और 1967 में यहां कांग्रेस का कब्जा रहा लेकिन 1971 में एक बार फिर से यहां निर्दलीय नेता शिब्बन लाल जीते। साल 1977 में यहां रालोद ने अपना जलवा बिखेरा तो वहीं 1980 और 1984 में यहां कांग्रेस का बोलबाला रहा लेकिन 1989 का लोकसभा चुनाव जनता दल ने जीता।

साल 1991 में यहां भाजपा ने जीत के साथ आगाज किया, 1996 और 1998 में भी यहां भगवा रंग ही खिला और बीजेपी के पंकज चौधरी लगातार यहां से तीन बार सांसद चुने गए लेकिन साल 1999 में यहां बड़ा उलटफेर हुआ और समाजवादी पार्टी ने भाजपा का यहां विजय रथ रोक दिया लेकिन साल 2004 में यहां एक बार फिर से बीजेपी जीती और पंकज चौधरी एमपी चुने गए । साल 2009 में यहां लंबे अंतराल के बाद कांग्रेस जीती लेकिन साल 2014 में एक बार फिर से पंकज चौधरी सब पर भारी पड़े।
पंकज चौधरी की लोकसभा में उपस्थिति 82 प्रतिशत रही है, इस दौरान उन्होंने 28 डिबेट में हिस्सा लिया है और 334 प्रश्न पूछे हैं, इसे आप अच्छा आंकड़ा नहीं कह सकते हैं। साल 2014 में इस सीट पर दूसरे नंबर पर बसपा, तीसरे नंबर पर कांग्रेस और चौथे पर सपा था। महाराजगंज की 81 प्रतिशत आबादी हिंदू हैं और 17 प्रतिशत मुस्लिम, साल 2014 में यहां पर 1743131 मतदाताओं ने हिस्सा लिया था, जिसमें 54 प्रतिशत पुरुष और 45 प्रतिशत महिलाएं शामिल थीं।












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