लोकसभा चुनाव 2019: भीलवाड़ा लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: राजस्थान की भीलवाड़ा लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद भाजपा के सुभाष बहेरिया हैं। उन्होंने साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस के अशोक चंद्रा को 24, 62, 34 वोटों से हराया था। सुभाष बहेरिया को इस चुनाव में जहां 63,03,17 वोट मिले वहीं कांग्रेस के अशोक चंद्रा को 384053 मतों पर संतोष करना पड़ा था। हज़रत गुल अली बाबा की दरगाह के लिए पूरे भारत में मशहूर भीलवाड़ा सैलानियों के आकर्षण का केंद्र रहा है। यहां की कुल जनसंख्या 27 लाख 53 हजार 390 थी, जिसमें 80 प्रतिशत आबादी गांवों में और 19 प्रतिशत लोग शहरों में रहते हैं।

भीलवाड़ा लोकसभा सीट का इतिहास
भीलवाड़ा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत विधानसभा की 8 सीटें हैं। साल 1952 के पहले चुनाव में यहां से राम राज्य परिषद की जीत हुई थी, इसके बाद 1957, 1962, 1967 में यहां कांग्रेस का ही राज रहा था। 1971 में यहां भारतीय जनसंघ ने जीत दर्ज की थी, जबकि 1977 का चुनाव यहां पर जनता पार्टी ने जीता था। साल 1980 और 1984 में यहां पर कांग्रेस का राज रहा जबकि 1989 का चुनाव जनता पार्टी ने जीता था। साल 1991 में यहां कांग्रेस की वापसी हुई लेकिन 1996 का चुनाव यहां पहली बार भाजपा ने जीता, हालांकि 1998 के चुनाव में फिर से कांग्रेस की जीत हुई लेकिन इसके एक साल बाद ही हुए 1999 के चुनाव में ये सीट फिर से भाजपा की झोली में आई और विजेंद्र पाल सिंह यहां से सांसद बने। साल 2004 के आम चुनाव में भी यहां भाजपा ही जीती और विजेंद्र पाल सिंह लगातार दूसरे साल यहां निर्वाचित हुए लेकिन साल 2009 के चुनाव में कांग्रेस ने वापसी की और डॉ. सीपी जोशी यहां से एमपी चुने गए लेकिन साल 2014 का चुनाव फिर से यहां भाजपा ने जीता और सुभाष बहेरिया सांसद की कुर्सी पर बैठे।
सुभाष बहेरिया का लोकसभा में प्रदर्शन
मशहूर उद्योगपति सीए सुभाष बहेरिया की गिनती भाजपा के दिग्गज रईस नेताओं में होती है। दिसंबर 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 5 सालों के दौरान लोकसभा में सुभाष बहेरिया की उपस्थिति 97 प्रतिशत रही है और इस दौरान इन्होंने 59 डिबेट में हिस्सा लिया है और 40 प्रश्न पूछे हैं। साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर नंबर 2 पर कांग्रेस और नंबर 3 पर बसपा थी। उस साल यहां कुल मतदाताओं की संख्य़ा 17,54,877 थी, जिसमें से मात्र 11,04,090 लोगों ने अपने मतों का प्रयोग किया था, जिसमें पुरुषों की संख्या 5,81,524 और महिलाओं की संख्या 5,22,566 थी।
सुभाष बहेरिया की जीत में मोदी लहर का भी बड़ा हाथ था, जिसके चलते विकास के नाम पर वोट मांगने वाली भाजपा को भीलवाड़ा में झोली भर-भर कर वोट मिले थे लेकिन इस बार राजस्थान की सियासी सूरत थोड़ी सी बदली हुई है, आज राज्य में भाजपा की सरकार नहीं बल्कि कांग्रेस की हुकूमत है, वसुंधरा सरकार से राज्य के सवर्ण, राजपूत और एस सी-एसटी नाराज थे, जिसके चलते इस बार यहां की जनता ने उन्हें टाटा-बॉय-बॉय कर दिया और कांग्रेस को मौका दे दिया, इन विपरीत हालातों में भाजपा को भीलवाड़ा लोकसभा सीट पर फिर से विजय पताका फहराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ सकती है तो वहीं कांग्रेस इस सीट पर वापसी करने के लिए एड़ी-चोटी का दम लगाने को तैयार है, अब देखते हैं शह और मात के इस खेल में यहां की जनता किस पार्टी का साथ देती है क्योंकि होगा तो वही जो जनता चाहेगी।












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