मोदी के लिए राहुल नहीं प्रियंका हैं चुनौती

अब तक जो लड़ाई मोदी और राहुल के बीच में थी उसमें एक नए दुश्मन ने एंट्री कर ली है। जी हां कांग्रेस ने अपनी रणनीति में आखिरी वक्त कुछ ऐसा परिवर्तन किया कि मोदी के सामने राहुल के साथ-साथ प्रियंका गांधी वाड्रा आकर खड़ी हो गई। लोकसभा चुनावों में खुद को अपने भाई राहुल और मां तक सीमित रखने वालीं प्रियंका गांधी ने इस बार भी कुछ अलग नहीं किया, लेकिन अपने भाषणों से उन्होंने साफ कर दिया कि जो हमले वो इन दो इलाकों से बोल रही हैं, उनके निशाना कहीं और है।
दरअसल ये प्रियंका की मजबूरी है कि उन्हें अपने भाषणों का रुख बनारस की ओर मोड़ना पड़ रहा है। भाई राहुल के कंधों पर पार्टी की जिम्मेदारियां है तो मां बीमारी से जूझ रही है, ऐसे में भाई का सहारा बनने आई प्रियंका एक तीर से कई निशाने साधने में लगी है। बात जब पति रॉबर्ट वाड्रा के ऊपर हमलों की आई तो प्रियंका ने जवाबी हमलों में भाजपा और मोदी दोनों को लपेट लिया। उनके हमलों का निशाना पहले दिन से भाजपा आला कमान की तरफ है।
विदेशी अखबार की खबर को दार बनाकर भाजपा ने 'जीजाजी' का मामला उठाया तो प्रियंका ने पलटवार किया। प्रियंका ने मोदी से जुड़े फोन टेपिंग का मामला उटाकर उसे महिला सुरक्षा से जोड़ दिया। प्रियंका ने मोदी पर आगे भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा का अभियान एक शख्स के इर्द-गिर्द घूम रहा है।
अब तक मोदी के सामने राहुल का कद छोटा मालूम हो रहा था, लेकिन प्रियंका के रण में कूदने के बाद से ये मुकाबला रोचक हो गया है। टक्कर बराबर की हो गई है। मोदी के सामने अब चुनौती सिर्फ राहुल नहीं बल्कि प्रियंका बन गई है।












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