प्रियंका जी, मोदी के इंटरव्यू की लाइनें कटने के पीछे 1800 करोड़

यह विवाद इतना नहीं बढ़ता अगर दूरदर्शन 1800 करोड़ रुपए के बोझ तले दबा नहीं होता। जी हां दूरदर्शन वो मजबूर संस्था है, जिसे केंद्र सरकार हर साल 1800 करोड़ रुपए देती है, जबकि इसकी कमाई 1000 करोड़ है। यानी हर साल दूरदर्शन 800 करोड़ रुपए का नुकसान झेल रहा है। ऐसे में अगर दूरदर्शन नरेंद्र मोदी या गुजरात की तारीफों के पुल बांधना शुरू कर दे, तो हो सकता है कि उसको दिया जाने वाला धन सरकार रोक दे। यही डर है कि दूरदर्शन की पहुंच सबसे ज्यादा लोगों तक होने के बावजूद घाटे में चल रहे हैं।
पीएम के सलाहकार सैम पित्रोदा ने करीब तीन साल पहले सरकार को सलाह दी थी, कि दूरदर्शन को आर्थिक मजबूती के साथ-साथ नये कलेवर में प्रस्तुत करना बेहद जरूरी है, क्योंकि लोगों का इंटरेस्ट खत्म हो रहा है। लेकिन यूपीए सरकार ने इस सुझाव को कभी नहीं माना और दूरदर्शन को सरकारी विज्ञप्ति के रूप में इस्तेमाल करता रहा।
क्या क्या हुआ राजनीतिक गलियारे में
मोदी के इंटरव्यू के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि भले ही मोदी प्रियंका को अपनी बेटी बताकर खुश हों, लेकिन मुझे नहीं लगता कि प्रियंका इस बात को स्वीकार करेंगी कि मोदी उनके पिता के समान हैं। कुछ देर बाद ही अमेठी में प्रियंका ने भी चिदंबरम की बात पर मुहर लग दी। प्रियंका ने कहा कि मैं राजीव गांधी की बेटी हूं।
इंटरव्यू में मोदी ने कहा
नरेंद्र मोदी ने डीडी को दिये गये इंटरव्यू में कहा कि पता नहीं क्यों दूरदर्शन ने गुजरात का ब्लैक आउट कर रखा है, जबकि यह वो राज्य है जो डीडी को सबसे ज्यादा राजस्व देता है।
नमो समर्थक ने उठाये सवाल
मोदी के समर्थकों ने दूरदरर्शन पर सवाल उठाते हुए पूछा कि मोदी के इंटरव्यू के लिये किसी भी प्रकार का प्रोमो क्यों नहीं दिखाया गया। लोगों को पहले से जानकारी क्यों नहीं दी गई। मोदी समर्थकों का मानना है कि दूरदर्शन के अधिकारियों ने इसका प्रचार प्रसार कांग्रेस सरकार के खौफ में नहीं किया।












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