प्रियंका गांधी का आरोप: 'जॉर्ज सोरोस का मुद्दा 1994 का, कोई रिकॉर्ड नहीं, सरकार अडानी पर बहस नहीं चाहती'
Priyanka Gandhi On George Soros: संसद में अडानी और जॉर्ज सोरोस के मुद्दे पर गतिरोध लगातार जारी है। विपक्षी पार्टियां जहां अडानी और संभल हिंसा के मामलों पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामा कर रही हैं, वहीं सत्ता पक्ष ने जॉर्ज सोरोस के मुद्दे पर विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सदन में हो रहे इस गतिरोध के बीच प्रियंका गांधी का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने जॉर्ज सोरोस के मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
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प्रियंका गांधी ने कहा कि जॉर्ज सोरोस का मुद्दा 1994 का है और उसका कोई रिकॉर्ड किसी के पास नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि जिस मुद्दे पर बात हो रही है, उसके बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है। प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि जो कुछ भी हो रहा है, वह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि सरकार अडानी पर बहस नहीं चाहती।

प्रियंका ने अडानी के मुद्दे पर घेरा
प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार जानती है कि घूस लिया गया है, लोग बड़े बिजली बिलों से परेशान हैं और इनके पास इसका कोई जवाब नहीं है। प्रियंका गांधी ने कहा कि सदन चलाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन सरकार अडानी मुद्दे पर चर्चा नहीं करना चाहती और इसी वजह से सदन को चलने नहीं दिया जा रहा है।
इससे पहले, लोकसभा में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने जॉर्ज सोरोस के मुद्दे पर कहा था कि कांग्रेस का उससे क्या रिश्ता है। शुक्रवार को बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने से पहले जॉर्ज सोरोस के मुद्दे पर कांग्रेस और राहुल गांधी से 10 सवाल पूछे थे। वहीं, राज्यसभा में भी दो दिन से सोरोस के मुद्दे पर गतिरोध जारी है।
जे पी नड्डा ने कांग्रेस को घेरा
राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा ने भी जॉर्ज सोरोस के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा। मंगलवार को कार्यवाही की शुरुआत के बाद उन्होंने ओसीसीआरपी संस्था का मुद्दा उठाया और कहा कि यह संस्था दुनिया के देशों को अस्थिर करने की कोशिश करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इसके टूल के रूप में काम कर रही है। नड्डा ने यह भी कहा कि फोरम फॉर डेमोक्रेटिक लीडर्स ऑफ एशिया पैसिफिक की को-चेयरमैन इस सदन की एक सदस्य हैं, जो जम्मू और कश्मीर को अलग स्टेट के रूप में देखती हैं, और यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।
जेपी नड्डा ने देशवासियों से पूछा कि कांग्रेस और जॉर्ज सोरोस का क्या रिश्ता है। उन्होंने यह भी कहा कि गांव-गरीब लोग पूछ रहे हैं कि क्या हम देश की सुरक्षा के लिए खड़े हैं। नड्डा ने विश्वास दिलाया कि बीजेपी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खड़ी है और देश को यह विश्वास दिलाया कि भारत 11वें से 5वें नंबर की अर्थव्यवस्था बन चुका है और अब हम तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
जॉर्ज सोरोस पर कांग्रेस का चैलेंज
जॉर्ज सोरोस को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी घमासान बढ़ता जा रहा है। भाजपा ने आरोप लगाया था कि सोनिया गांधी के नेतृत्व वाला फाउंडेशन जॉर्ज सोरोस से फंडिंग प्राप्त करता है, जो कश्मीर को अलग करने की बात करता है। इस आरोप के बाद, कांग्रेस बैकफुट पर दिख रही थी, लेकिन अब कांग्रेस आक्रामक हो गई है और उसने मोदी सरकार को ही चैलेंज कर दिया है।
पवन खेड़ा ने संभाला मोर्चा
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने जॉर्ज सोरोस के मसले पर सीधे मोदी सरकार को चुनौती दी। उन्होंने ट्वीट किया, "अगर सोरोस इतना बड़ा मुद्दा है, तो प्रत्यर्पण की कार्यवाही क्यों नहीं की जाती?" पवन खेड़ा ने यह भी सवाल उठाया कि भाजपा नेताओं के बच्चों को विदेशों में शिक्षा के लिए किस फाउंडेशन से स्कॉलरशिप मिली है। उन्होंने भाजपा नेताओं से जुड़े दो फाउंडेशनों, 'इंडिया फाउंडेशन' और 'विवेकानंद फाउंडेशन' को लेकर भी सवाल उठाए, और आरोप लगाया कि इन्हें चीन से फंडिंग मिलती है।
पवन खेड़ा ने एक्स पर लिखा, "इंडिया फाउंडेशन और विवेकानंद फाउंडेशन को चीन से कब और कितना पैसा मिला? एस्पेन इंस्टिट्यूट से एस. जयशंकर के पुत्र के क्या संबंध रहे? जर्मन मार्शल फंड से उनके क्या संबंध रहे?" उन्होंने भाजपा के नेताओं से यह भी पूछा कि इन दोनों संस्थाओं के जॉर्ज सोरोस से क्या संबंध हैं?
इससे पहले, भाजपा ने दावा किया था कि 'फोरम ऑफ डेमोक्रेटिक लीडर्स इन एशिया पैसिफिक (एफडीएल-एपी) फाउंडेशन' की सह-अध्यक्ष के रूप में सोनिया गांधी जॉर्ज सोरोस फाउंडेशन से जुड़ी हुई हैं, जो जम्मू और कश्मीर को स्वतंत्र राष्ट्र बनाने की बात करता है। भाजपा का कहना था कि इस देशद्रोही संगठन से सोनिया गांधी का जुड़ा होना चिंताजनक है।
कौन हैं जॉर्ज सोरोस ?
जॉर्ज सोरोस, जो हंगरी में एक यहूदी परिवार में जन्मे थे और ब्रिटेन में लंबे समय तक रहे, फिलहाल अमेरिकी कारोबारी हैं। उन पर यह आरोप लगे हैं कि उन्होंने अपने धन का इस्तेमाल करके कई सरकारों को अस्थिर किया। सोरोस को ब्रिटिश करेंसी पाउंड को शॉर्ट करके अरबों डॉलर कमाने के लिए जाना जाता है और उन पर भारतीय अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के आरोप भी लगे हैं। अब यह देखा जाना है कि इस मुद्दे पर संसद और राजनीति में आगे क्या घटनाक्रम होते हैं।












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