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#MeToo: पीएम के बाद राष्ट्रपति ने भी मंजूर किया एमजे अकबर का इस्तीफा

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नई दिल्ली। महिलाओं का यौन शोषण करने के आरोप में फंसे विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर का इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद अब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी मंजूर कर लिया है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पीएम नरेंद्र मोदी की सलाह पर अकबर का इस्तीफा स्वीकार किया है। बता दें कि बुधवार शाम को पूर्व पत्रकार अकबर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। सरकार की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने पीएम मोदी की सलाह के बाद एमजे अकबर का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा तत्काल प्रभाव से मंजूर कर लिया है।

20 महिलाओं ने यौन शोषण का आरोप लगाए थे

20 महिलाओं ने यौन शोषण का आरोप लगाए थे

अकबर पर एक के बाद 20 महिलाओं ने यौन शोषण का आरोप लगाए थे। इसके अलावा करीब 17 महिलाओं ने उनके खिलाफ कोर्ट में बयान देने पर भी सहमति जताई थी। इस्तीफा देने के बाद अकबर ने अपना बयान जारी करते हुए कहा, मैंने व्यक्तिगत तौर पर अदालत में इंसाफ पाने का फैसला किया है। इसीलिए मुझे खुद पर लगे झूठे आरोपों के खिलाफ इस्तीफा देकर व्यक्तिगत क्षमता के हिसाब से मुकदमा लड़ना ठीक लगा। मैं देश सेवा का मौका देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को धन्यवाद देता हूं।

रमानी ने अकबर के इस्तीफे पर खुशी जताई

रमानी ने अकबर के इस्तीफे पर खुशी जताई

रमानी ने अकबर के इस्तीफे पर खुशी जताई है। रमानी ने ट्वीट कर लिखा, एक महिला होने के नाते मुझे एमजे अकबर के इस्तीफे से सुकून मिला है। मुझे उम्मीद है कि हमें अदालत में भी न्याय मिलेगा। पटियाला हाउस कोर्ट के एडीशनन चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल कल एमजे अकबर की मानहानि शिकायत सुनेंगे। सूत्रों के अनुसार सरकार में एक राय थी कि मंत्री को इस मामले से निजी तौर पर लड़ना चाहिए, केंद्रीय मंत्री के रूप में नहीं।

#MeToo: एमजे अकबर के मानहानि के मुकदमे की कल पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई

बीजेपी का महसूस होने लगा था खतरा

बीजेपी का महसूस होने लगा था खतरा

वहीं संघ इस मामले पर शुरू से ही गंभीर था। सरकार व पार्टी का रुख भी साफ था कि पहले अकबर को सफाई देने का मौका देंगे और उसके बाद भी मामला आगे बढ़ा तो जरूरी कदम उठाए जाएंगे। बीते दो दिनों की घटनाओं के बाद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से लेकर भाजपा तक में अंदरूनी तौर पर यह महसूस किया जाने लगा था कि अगर अकबर ने इस्तीफा नहीं दिया तो नुकसान पार्टी को होगा। इससे नैतिकता के सवाल तो उठेंगे ही, पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में भी विपक्ष मुद्दा बनाएगा।

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English summary
President Ram Nath Kovind has accepted the resignation of MJ Akbar from the Union Council of Ministers
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