महिलाओं-आदिवासियों, G-20 से लेकर चंद्रयान तक... देश के नाम राष्ट्रपति मुर्मू के संबोधन की 10 बड़ी बातें
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज 77वे स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देशवासियों को संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने महिलाओं, आदिवासियों, G-20 से लेकर चंद्रयान तक जैसे गंभीर मुद्दों पर लोगों को संबोधित किया। इसके अलावा उन्होंने आदिवासियों की समस्या को लेकर भी अपनी बातें रखीं। नीचे पढ़ें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन की 10 बड़ी बातें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बोलीं- देश के हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि आज महिलाएं विकास और देश सेवा के हर क्षेत्र में बढ़-चढ़कर योगदान दे रही हैं तथा राष्ट्र का गौरव बढ़ा रही हैं। आज हमारी महिलाओं ने ऐसे अनेक क्षेत्रों में अपना विशेष स्थान बना लिया है जिनमें कुछ दशकों पहले उनकी भागीदारी की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी।

हमारी बेटियां साहस के साथ, हर तरह की चुनौतियों का सामना करें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि मैं सभी देशवासियों से आग्रह करती हूं कि वे महिला सशक्तीकरण को प्राथमिकता दें। मैं चाहूंगी कि हमारी बहनें और बेटियां साहस के साथ, हर तरह की चुनौतियों का सामना करें और जीवन में आगे बढ़ें।
राष्ट्रपति मुर्मू की आदिवासियों से अपील
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि मैं अपने आदिवासी भाई-बहनों से अपील करती हूं कि आप सब अपनी परंपराओं को समृद्ध करते हुए आधुनिकता को अपनाएं। जरूरतमंदों की सहायता के लिए विभिन्न क्षेत्रों में पहल की गयी है तथा व्यापक स्तर पर कल्याणकारी कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
लोभ की संस्कृति छोड़, अपनी जड़ों की ओर लौटें: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि लोभ की संस्कृति दुनिया को प्रकृति से दूर करती है और अब हमें यह एहसास हो रहा है कि हमें अपनी जड़ों की ओर लौटना चाहिए। जनजातीय समुदायों द्वारा युगों से अपना अस्तित्व बनाए रखने के रहस्य को एक शब्द में ही व्यक्त किया जा सकता है। वह शब्द है: हमदर्दी।
चंद्रयान की सफलता पर बोलीं द्रौपदी मुर्मू
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन नई ऊंचाइयों को छू रहा है और उत्कृष्टता के नए आयाम स्थापित कर रहा है। ISRO ने चंद्रयान- 3 launch किया है, जो चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश कर चुका है। चंद्रमा का अभियान अन्तरिक्ष : के हमारे भावी कार्यक्रमों के लिए केवल एक सीढ़ी है। हमें बहुत आगे जाना है ।
जलवायु परिवर्तन पर बोलीं राष्ट्रपति
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि एक क्षेत्र जिस पर पूरे विश्व के वैज्ञानिकों और नीति निर्माताओं को और अधिक तत्परता से ध्यान देना चाहिए वह है - जलवायु परिवर्तन। पर्यावरण के हित में स्थानीय, राष्ट्रीय तथा वैश्विक स्तर पर प्रयास करना अनिवार्य है।
G-20 समूह को लेकर बोलीं राष्ट्रपति मुर्मू
चूंकि G20 समूह दुनिया की दो-तिहाई जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए यह हमारे लिए वैश्विक प्राथमिकताओं को सही दिशा में ले जाने का एक अद्वितीय अवसर है। भारत, पूरी दुनिया में, विकास के लक्ष्यों और मानवीय सहयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
भारत की अर्थव्यवस्था दूसरों के लिए आशा का स्रोत भी बनी
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि मुश्किल दौर में भारत की अर्थव्यवस्था न केवल समर्थ सिद्ध हुई है बल्कि दूसरों के लिए आशा का स्रोत भी बनी है।
वंचितों को वरीयता प्रदान करना हमारी नीतियों में शामिल
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि वंचितों को वरीयता प्रदान करना हमारी नीतियों और कार्यों के केंद्र में रहता है। परिणामस्वरूप पिछले दशक में बड़ी संख्या में लोगों को गरीबी से बाहर निकालना संभव हो पाया है।
अनुसंधान, नवाचार तथा उद्यमशीलता को लेकर भी बोलीं महामहिम
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि अनुसंधान, नवाचार तथा उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए, अगले पांच वर्षों में 50,000 करोड़ रुपये की राशि के साथ सरकार द्वारा Anusandhaan National Research Foundation स्थापित किया जा रहा है। यह Foundation हमारे कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अनुसंधान केन्द्रों में Research एवं Development को आधार प्रदान करेगा, उन्हें विकसित करेगा तथा आगे ले जाएगा।












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