प्रीती सूदन बनीं UPSC की नई अध्यक्ष, जानें यूपीएससी अध्यक्ष को कितनी मिलती हैं सैलरी और सुविधाएं?
UPSC Chairman salary : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) का अध्यक्ष (chairman) का पद पिछले कई दिनों से चर्चा में हैं। मनोज सोनी ने कार्यकाल खत्म होने से पहले इस्तीफा देने के बाद ये पद सुर्खियों में आया। वहीं आज यूपीएससी के अध्यक्ष पद पर प्रीति सूदन (Preeti sudan) को नियुक्त कर दिया गया है।
प्रीति सूदन 2022 से यूपीएससी के सदस्य के पद की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। आइए जानते हैं यूपीएससी के अध्यक्ष की कितनी सैलरी होती है और उनके पास क्या शक्तियां होती हैं?

कौन हैं प्रीति सूदन?
बता दें 1983 बैच की आईएएस अधिकारी और पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन 1 अगस्त को यूपीएससी के चेयरपर्सन का कार्यभार संभालेंगी। आंध्र प्रदेश कैडर की 1993 बैच की रिटायर्ड आईएएस ऑफीसर प्रीति सूदन 2020 तककेंद्रीय स्वास्थ्य सचिव रहीं।
ई सिगरेट पर लगाया था प्रतिबंध
इसके अलावा रक्षा मंत्रालय के अलावा अन्य कई प्रमुख विभाग संभालने के अलावा वर्ल्ड बैंक की सलाहकार भी रह चुकी हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, आयुष्मान भारत शुरू किया और ई सिगरेट पर बैन संबधी लॉ को बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
UPSC अध्यक्ष की नियुक्ति कौन करता है?
संघ लोक सेवा आयोग या संयुक्त लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। संविधान के अनुच्छेद 316(1) में इससे संबंधित प्रवाधान दर्ज है।
UPSC अध्यक्ष का कार्यकाल कितने वर्ष का होता है?
यूपीएससी के अध्यक्ष का कार्यकाल छह वर्ष का होता है या 65 वर्ष आयु तक। इसमें जो भी पहले होता है उसी के आधार पर कार्यकाल माना जाता है।
UPSC चेयरमैन की सैलरी कितनी होती है?
यूपीएससी के अध्यक्ष को की सलाना सैलरी की बात की जाए तो 30 लाख रुपये हैं। 2017 में लोक सेवा
आयोग के अध्यक्ष की सैलरी में तीन गुना इजाफा किया गया था। तत्कालीन राष्ट्रपति ने यूपीएससी के अध्यक्ष और सदस्यों की सैलरी बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
हर माह मिलती है इतनी सैलरी
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार ये वेतन वृद्धि को मंजूरी मिली थी। जिसके बाद से अध्यक्ष को हर महीने 2.5 लाख रुपये सैलरी मिलती है वहीं यूपीएससी के सदस्य की 2.25 लाख रुपये प्रति माह सैलरी के तौर पर मिलते हैं।
UPSC और उसके अध्यक्ष की शक्तियां और कार्य
सिविल सेवाओं और पदों पर नियुक्ति संबंधी मामलों पर यूपीएससी से परामर्श किया जाना चाहिए। संविधान के अनुच्छेद 320 में अध्यक्ष और यूपीएससी का कार्य बताए गए हैं।
- सिविल सेवाओं के लिए उम्मीदवारों के लिए चयन करने के लिए परीक्षा आयोजित करना।
- इंटरव्यू के जरिए सीधी भर्ती करना।
- प्रमोशन और डेपुटशन के जरिए अधिकारियों की नियुक्ति करना।
- सरकारी सेवाओं और पदों के लिए भर्ती संबंधी नियम बनाना और संसोधन करना।
- सिविल सेवाओं से सबंधी अनुशासनात्मक संबंधी मामलों को संभालना
- राष्ट्रपति के द्वारा यूपीएससी के सदस्यों को भेजे गए मुद्दे पर सरकार को सलाह देना।












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