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फिर विवादों में विमान सौदा पीएसयू कंपनियों को नजरअंदाज करने से भड़के प्रफुल्ल

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Praful Patel questions barring PSUs from IAF's aircraft tender
नयी दिल्‍ली (ब्‍यूरो)। एक और विमान सौदा विवादों में घिरता नजर आ रहा है। इससे यूपीए सरकार की दिक्कते बढ़ सकती हैं। भारी उद्योग मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने 3 अरब रुपए के एक विमान खरीद के सौदे पर ऐतराज जताया है। पटेल की शिकायत है कि इस सौदे के टेंडर प्रक्रिया में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को बाहर रखा गया, जबकि एचएएल में इस सौदे को पूरा करने की पूरी क्षमता थी। पटेल ने अपनी नाराजगी जताते हुए रक्षा मंत्री एके एंटनी को एक पत्र लिखा है।

पटेल ने एंटनी को खत लिखकर पूछा है कि विमान खरीद में वायुसेना ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को क्यों बाहर रखा। उधर, सूत्रों के मुताबिक एचएएल जैसी कंपनियों पर पहले से ही काम का बोझ काफी ज्यादा होने की वजह से ऐसा फैसला लिया गया। उधर, सूत्रों के मुताबिक एचएएल जैसी कंपनियों पर पहले से ही काम का बोझ काफी ज्यादा होने की वजह से ऐसा फैसला लिया गया।

सूत्रों की मानें तो सरकार इस सेक्टर में निजी कंपनियों को भी मौका देना चाहती है। इस सौदे के तहत सरकार विदेशी कंपनी से 16 एयरक्राफ्ट खरीदना चाहती है। शर्त के तहत इस कंपनी को भारत की निजी कंपनी के साथ मिलकर 40 फीसदी एयरक्राफ्ट का निर्माण करना होगा।

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English summary
Heavy Industries Minister Praful Patel has raised questions on the move to bar govt PSUs from participating in the tender for supply of 56 transport aircraft at an estimated cost of Rs 12,000 crore to the Indian Air Force.
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