Pradyuman Murder Case: प्राइवेट स्कूलों को लेकर CBSE ने लिया सख्त फैसला
नई दिल्ली। हरियाणा के गुरुग्राम स्थित रायन इंटरनेशनल स्कूल में प्रद्युम्न की हत्या के बाद केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सख्त कदम उठाया है। CBSE ने आदेश दिया है कि पूरे देश के 10,000 से अधिक स्कूलों में शिक्षकों का साइकोलॉजिकल टेस्ट और पुलिस वेरीफिकेशन कराया जाए। यह नियम स्कूल के सपोर्टिंग स्टाफ पर भी लागू होती है। गु


CBSE की अधिसूचना में कहा गया है
गुरुवार को जारी सीबीएसई अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि स्कूल में बाहरी लोगों को सीमित पहुंच हो। सभी कर्मचारियों को छात्रों की सुरक्षा और उनके हितों की सुरक्षा के कानूनों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम होना चाहिए। दिल्ली सरकार ने भी, राजधानी के निजी स्कूलों को एक नोटिस जारी कर, सभी शिक्षण और सपोर्टिंग स्टाफ के पुलिस सत्यापन का आदेश दिया।

उठाए जा रहे हैं सवाल
हालांकि अब CBSE की इस अधिसूचना पर सवाल उठाए जा रहे हैं। ज्यादातर स्कूलों के प्रधानाध्यापक की ओर से कहा यह जा रहा कि ये स्पष्ट नहीं हैं कि इन परीक्षणों में कौन शामिल होगा, कौन इसे आयोजित करेगा, और जो स्टाफ के सदस्य जो परीक्षा में फेल हो गया उसका क्या होगा?
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प्रिंसिपल ने जताया विरोध
दिल्ली के सेंट मैरीज के प्रिंसिपल ने कहा कि मनोचिकित्सक परीक्षण क्या कर सकता है? इसके लिए एक वास्तविक विशेषज्ञ की आवश्यकता होती है जो इसे संचालित कर, इसका मूल्यांकन करती है। यह देखते हुए कि देश में 10,000 और अधिक सीबीएसई स्कूल हैं, क्या हमारे पास इसका प्रबंधन करने के लिए कर्मचारी हैं?

शिक्षक आदित्य नायर ने कहा कि
इसी स्कूल के शिक्षक आदित्य नायर ने कहा कि ये जाचं अगर पुलिस करेगी तो ठीक नहीं होगा। मैं बायोमैट्रिक या किसी भी मनोवैज्ञानिक परीक्षण के लिए तैयार नहीं हूं।












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