ओडिशा में फेलिन के आने पर 2 मंजिल तक पहुंचेगा समुद्र का पानी

बंगाल की खाड़ी में उठे भयंकर चक्रवाती तूफान फेलिन की वजह से तटीय इलकों में जनजीवन अस्तव्यस्त है। बात अगर तट को छूने की है, तो फेलिन शनिवार शाम तक ओडिशा तट तक पहुंच जाएगा। अधिकारी तटीय क्षेत्रों के निचले इलाकों से लोगों को चक्रवात आश्रय और ऊंची इमारतों तक पहुंचाने के कार्य में जुटे हुए हैं। मौसमवैज्ञानिकों का पूर्वानुमान है कि आंधी और बारिश की रफ्तार और तीव्रता समय के साथ बढ़ती जायेगी।
ओडिशा के मुख्य मंत्री नवीन पटनायक ने प्रशासन को अलर्ट कर दिया है और फेलिन से निबटने के लिये की गई तैयारियों को देखते हुए कहा है कि इस तूफान में एक भी मौत नहीं होनी देंगे। विशेष राहत आयुक्त प्रदीप कुमार महापात्रा के अनुसार तीन लाख से ज्यादा लोगों को अब तक सुरक्षित स्थानों में पहुंचाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि सेना को अभी से अलर्ट कर दिया गया है।
यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखंड में होगी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार फेलिन के तट तक पहुंचने के बाद समुद्र का पानी ओडिशा के तटीय इलाकों में तट से 300 से 600 मीटर अंदर तक घुस आयेगा। यानी तटीय इलाकों में बनी इमारतों में दो से तीन मंजिल तक पानी पहुंच सकता है।
फेलिन के तट तक पहुंचने के बाद 6 घंटे तक भी स्थिति गंभीर रहेगी। आगामी 48 घंटे में ओडिशा, आंध्र प्रदेश के अलावा झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश होगी। पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश में भी बारिश होगी। फेलिन शाम के साढ़े पांच से छह बजे के बीच तट तक पहुंच जायेगा। इस समय करीब 200 किलोमीटर की दूरी पर है।
समुद्र में उठने लगी हैं लहरें, नेवी के दो जहाज तैयार
गंजम में आंधी की रफ्तार 60 से 80 किलोमीटर प्रतिघंटे हो चुकी है और समुद्र में ऊंची ऊंची लहरे उठ रही हैं। चक्रवाती तूफान जगदीशपुर जिले में पारादीप तट से महज 355 किलोमीटर दूर और गंजम जिले में गोपालपुर से 320 किलोमीटर दक्षिणपूर्व दूर है।
चक्रवाती तूफान फेलिन उत्तरपश्चिम की ओर से कलिंगपटनम और पारादीप के बीच से होते हुए आंध्र प्रदेश और ओडिशा में प्रवेश करेगा तथा 210 से 220 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से शनिवार शाम तक ओडिशा के गोपालपुर तक पहुंच जाएगा। तूफान से ओडिशा के गंजम, गजपति, खोरधा, पुरी एवं जगदीशपुर जिलों के तटीय इलाकों में भयंकर तबाही मचने की आशंका है, जबकि राज्य के अन्य जिलों में भी भारी वर्षा और बाढ़ की समस्या उत्पन्न हो सकती है। हाला को देखते हुए भारतीय नौ सेना ने अपने दो जहाज राहत कार्यों के लिये तैयार कर लिये हैं, माके यकद समुद्र के बीच कोई समस्या आये, तो उससे नौसेना के जवान निबट सकें।












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