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यूपी का बिजली संकट दूर करना है तो डेनमार्क जाइये अखिलेश जी!

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akhilesh singh yadav
लखनऊ। चुनाव से पहले उत्‍तर प्रदेश सरकार मंत्री आजम खां अन्‍य सपा के 5 नेताओं के साथ विदेश दौरे पर गए। यूपी में व्‍याप्‍त बिजली संकट को सुधारने के लिए ये दौरा किया गया था लेकिन बैरंग ही लौटना पड़ा। सूत्र ये भी बताते हैं कि ये दौरा किसी संकट को दूर करने के लिए नहीं किया गया था बल्कि घूमने के लिए था। आजम खां को अपने मंत्रियों समेत 'डेनमार्क' का दौरा करना था जहां कि डिमांड से ज्‍यादा बिजली पैदा कर अन्‍य देशों को भी बिजली दी जाती है।

डेनमार्क एक ऐसा देश है जहां बिजली की खपत से ज्‍यादा बिजली पैदा की जाती है। यहां पैदा की जाने वाली बिजली को न तो कोयले की जरूरत है और न ही किसी बड़े पावर प्‍लांट की। डेनमार्क में सारी बिजली पनचक्‍की, बॉयोगैस और अपशिष्‍ट पदार्थ से बनाई जाती है। वर्ष 1970 में डेनमार्क ने पनचक्‍की एसे बिजली पैदा करने की शरुआत की थी और अभी तक विश्‍व में नंबर वन की स्थिति पर मौजूद है। प्राप्‍त आंकड़ों के अनुसार, डेनमार्क में प्रति व्‍यक्ति 1,218 किलोवाट बिजली पैदा की जाती है।

यूपी सरकार को यह जानकर काफी हैरानी होगी कि डेनमार्क में एक भी हाइड्रो पावर प्‍लांट नहीं है और यहां सारी बिजली पनचक्‍की व बॉयोगैस से ही बनाई जाती है। आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2001 के दौरान डेनमार्क में 12.5 गीगावाट बिजली पैदा की जाती थी जो कि विश्‍व में सर्वाधिक है इसके बाद वर्ष 2006 में यह संख्‍या बढ़कर 12.7 गीगावाट हो गई।

उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री अखिलेश सिंह यादव को अगर सचमुच में यूपी का बिजली संकट सुधारना है तो स्‍लाईडर में दी गई इन 10 बातों को फॉलो करना जरूरी है-

1. हाइड्रो और थर्मल पावर प्‍लांट का सहारा छोड़ पनचक्‍की के माध्‍यम से बिजली पैदा करनी चाहिए।

2. बुंदेलखंड के पहाड़ी इलाकों में पनचक्‍की स्‍थापित करनी चाहिए।

3. पहाड़ी इलाका होने की वजह से बुंदेलखंड में हवाएं तेज चलती हैं और बिजली ज्‍यादा उत्‍पन्‍न होगी।

4. पनचक्‍की से पैदा होने वाली बिजली सस्‍ती होगी।

5. यूपी में गर्मियों के मौसम में तेज हवाएं चलती हैं। उस वक्त पनचक्‍की के माध्यम से ज्यादा बिजली का उत्पादन होगा।

6. यूपी में बिजली चोरी रोकने के लिए एबीसी तारों का जाल बिछाया जाना चाहिए।

7. बिजली आपूर्ति के लिए गुणवत्‍तापूर्ण ट्रांसफार्मर की खरीद होनी चाहिए।

8. ट्रांसफार्मर में एल्‍युमिनियम की जगह कॉपर का इस्‍तेमाल किया जाना चाहिए।

9. होटलों से निकलने वाले अपशिष्‍ट पदार्थ से भी बिजली पैदा की जा सकती है।

10. बॉयो गैस का उपयोग कर बिजली बनाई जा सकती है।

उन्‍हें डेनमार्क जरूर जाना चाहिए जहां बिना किसी राजनीति के लोगों की मांग से जयादा बिजली पैदा की जाती है वो भी सस्‍ते दामों। उत्‍तर प्रदेश के बिजली संकट का दस्‍तूर ये है कि यहां गर्मी के दिनों में बिजली की मांग 12000-12500 मेगावाट हो जाती है और आपूर्ति सिर्फ 8000-9000 मेगावाट तक ही की जाती है। ऐसे में 3000 मेगावाट का जो बिजली संकट पैदा होता है उसे भरने में यूपी सरकार समेत केंद्र सरकार के भी पसीने छूट जाते हैं।

उत्‍तर प्रदेश का एक जिला बुंदेलखंड हैं जिसे यूपी के लिए अभी तक अभिशाप माना जाता है। अगर यूपी सरकार बुंदेलखंड की पहाडि़यों पर डेनमार्क की ही भांति पनचक्‍की को स्‍थापित कर दे तो शायद यूपी का बिजली संकट दूर हो सकता है। पहाडि़यों पर चलने वाली तेज हवाएं जब पनचक्‍की को घमुाएंगी तो बिजली पैदा होगी और ये बिजली सस्‍ते दामों पर घरों को आपूर्ति की जाएगी।

मुख्‍यमंत्री अखिलेश जी को थोड़ा सा अपने ज्ञान को इस्‍तेमाल करने की जरूरत है। डेनमार्क की ही भांति अगर यूपी के पहाड़ी इलाकों में भी पनचक्‍की लगा दी जाएं तो मई-जून के दिनों में चलने वाली गर्म हवाओं के थपेड़े इंसानों के चेहरे को झुलसाने की बजाय पनचक्‍की को घुमाने के काम आएंगे। पनचक्‍की घूमेगी तो बिजली बनेगी और इसी बिजली से यूपी संवर सकता है।

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English summary
What chief minister Akhilesh Yadav should do to end up the power crisis in Uttar Pradesh. Here are some suggestions.
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