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क्या बिटकॉइन पर्यावरण के लिए खतरा बन रही? एक ट्रांजेक्शन में बिजली खर्च जानकर रह जाएंगे हैरान

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नई दिल्ली, 14 जुलाई। दुनिया की सबसे बड़ी और लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन ने पिछले एक साल में रिकॉर्ड बढ़त देखी। इसकी वजह रही कि बिटकॉइन को बड़े निवेशकों का समर्थन मिला जिसके चलते छोटे निवेशकों का इसमें भरोसा बना। लेकिन एक तरफ जहां बिटकॉइन को लेकर भारी समर्थन है वहीं इसके आलोचकों की संख्या भी कम नहीं है। अस्थिरता के अलावा और जिस चीज के लिए बिटकॉइन की सबसे ज्यादा आलोचना होती है वह बड़ी मात्रा में होने वाली ऊर्जा खपत है।

Bitcoin

बिटकॉइन में होने वाली भारी ऊर्जा खपत के बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे। डिजिकोनॉमिस्ट के बिटकॉइन एनर्जी कंजम्प्शन इंडेक्स के अनुसार बिटकॉइन के एक ट्रांजेक्शन में औसतन 1752.79 किलोवाट घंटे बिजली खर्च होती है।

बिजली की इस मात्रा में 12 लाख वीजा लेनदेन किया जा सकता है। वीसा का दुनिया के क्रेडिट बाजार में लगभग 42% हिस्सा है, जो इसे मास्टरकार्ड, डिस्कवर और अमेरिकन एक्सप्रेस के साथ दुनिया के सबसे बड़े भुगतान प्रदाताओं में से एक बनाता है। इसका कार्बन फुटप्रिंट भी छोटा है।

बिटकॉइन का कार्बन फुटप्रिंट बहुत ज्यादा
बिटकॉइन से निकलने वाले कार्बन फुटप्रिंट-क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग से होने वाली ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा 18 लाख वीजा लेनदेन के बराबर है। आइए इसे थोड़ा और आसानी से समझते हैं। अगर 138,762 घंटे यूट्यूब देखने पर इतना फुटप्रिंट तैयार होता है।

स्वीडन के बराबर ऊर्जा खपत
बिटकॉइन माइनिंग में एक साल में जितनी ऊर्जा खर्च होती है उतनी बिजली की मात्रा लगभग पूरे स्वीडन में खर्च होती है। लेकिन इसमें अंतर यह है कि स्वीडन में ऊर्जा का लगभग आधा उत्पादन नवीकरणीय स्रोतों से आता है बिटकॉइन माइनिंग अधिकांश ऐसे देशों में होती है जहां पर बिजली उत्पादन का प्राथमिक स्रोत कोयले जैसे जीवाश्म ईंधन का इस्तेमाल होता है।

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बिटकॉइन में ऊर्जा खपत और पर्यावरण पर इसके खतरे को देखते हुए कभी बड़े समर्थक रहे उद्योगपति एलन मस्क ने 14 मई 2021 को टेस्ला के लिए बिटकॉइन पेमेंट पर रोक लगा दी थी। इसके साथ ही चीन ने भी भारी ऊर्जा खपत को देखते हुए बिटकॉइन माइनिंग और इसके ट्रांजेक्शन को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है। चीन ने इसके पालन के लिए कड़ी कार्रवाई भी की है।

ईरान, जो सभी बिटकॉइन खनन का 4.5% हिस्सा है, ने भी ब्लैकआउट और बिजली आउटेज के कारण क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग पर ग्रीष्मकालीन प्रतिबंध की घोषणा की।

English summary
power consumption in bitcoin transaction very huge effect on environment
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