जम्‍मू में ट्रंप इफेक्‍ट, रोहिंग्या और बांग्‍लादेश मुसलमानों से शहर छोड़ने को कहा

Posted By: Staff
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जम्‍मू। पूरी दुनिया में जहां अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप वीजा बैन वाले आदेश का विरोध हो रहा है तो जम्‍मू शहर को ट्रंप के इस आदेश से एक नई प्रेरणा मिली है। यहां पर पूरे शहर में ऐसे पोस्‍टर लगे हुए हैं जिनमें रोहिंग्‍या और बांग्‍लादेशी मुसलमानों से शहर छोड़कर जाने की अपील की गई है।

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संस्‍कृति का सवाल

जम्‍मू में जो पोस्‍टर लगे हैं उन पोस्‍टरों में स्‍थानीय नागरिकों से अपील की गई है कि वे इसे मुद्दे पर एक साथ आएं। पोस्‍टरों में लिखा है, 'डोगराओं की संस्‍कृति, इतिहास और उनकी पहचान बचाएं।' इन पोस्‍टरों में जम्‍मू एंड कश्‍मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी के नेताओं की फोटोग्राफ लगी हैं। पोस्‍टरों में जम्‍मू से 'जगाने' की अपील की गई है। पैंथर्स पार्टी के चेयरमैन हर्षदेव की ओर से लिखा है, 'यह हर डोगरा के अस्तित्‍व का सवाल है जो पहले ही दूसरे राज्‍यों से आने वाले लोगों के जम्‍मू में बसने की वजह से अपनी पहचान खो चुके हैं।' पिछले हफ्ते राज्‍य के हाईकोर्ट की ओर से 'पोस्‍ट-एडमिशन नोटिस' जारी किए गए हैं। नोटिस में जम्मू के चीफ सेक्रेटरी, कमिश्‍नर होम सेक्रेटरी, जम्‍मू जोन के डीजीपी और आईजी से रोहिंग्‍या मुसलमानों पर जवाब मांगा गया है। हाई कोर्ट ने राज्‍य में मौजूद रोहिंग्‍या और बांग्‍लादेश से आए मुसलमानों की पहचान और इनके प्रत्‍यर्पण पर जवाब मांगा है। इस नोटिस को डिप्‍टी एडवोकेट जनरल रमन शर्मा ने स्‍वीकार कर लिया है।

एनएसए डोवाल ने दी है चेतावनी

इससे पहले राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोवाल ने म्‍यांमार को रोहिंग्‍या मुसलमानों के मुद्दे पर म्‍यांमार को चेतावनी दी है। डोवाल ने म्‍यांमार से कहा है कि रोहिंग्‍या मुसलमानों का मुद्दा स्थिति को टाइम बम में बदल रहा है और जल्‍द से जल्‍द इसका हल तलाशना होगा।डोवाल ने म्‍यांमार के एनएसए से कहा है कि अब इस मुद्दे का समाधान करना होगा क्योंकि यह टाइम बम की तरह बनता जा रहा है। डोवाल ने म्‍यांमार को इसका राजनीति हल भी निकालने को कहा है।भारत की ओर से म्‍यांमार को साफ-साफ चेतावनी दी गई है कि अगर इस समस्‍या का हल नहीं तलाश गया तो फिर पाकिस्‍तान के आतंकी संगठन इन्‍हें अपने मकसद के लिए प्रयोग कर लेंगे। भारत की ओर से म्‍यांमार को कहा गया है कि रोहिंग्‍या मुसलमानों को रेडिक्‍लाइज्‍ड किया जा रहा है यानी उन्‍हें चरमपंथी बनाया जा रहा है। लश्‍कर-ए-तैयबा इस काम को कर रही है। लश्‍कर म्‍यांमार के रास्‍ते इन मुसलमानों को भारत पर हमले के लिए प्रयोग करना चाहती है।

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English summary
Poster in Jammu asking Rohingya and Bangladeshi Muslims to leave the city.
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