कोसी का कहर नहीं, नेताओं का अहम ले डूबा भाजपा को
पटना। ''फिर से एक बार हो नीतीशे कुमार हो'', जी हां बिहार विधानसभा चुनाव का नतीजा लगभग-लगभग आ चुका है। महागठबंधन पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने वाली है। भारतीय जनता पार्टी ने हार कबूल भी कर ली है। लेकिन इस चुनाव से एक बात तो साफ हो गया है कि भाजपा को कोसी का कहर नहीं बल्कि उसके नेताओं का अहम ले डूबा।

प्रधानमंत्री मोदी के लाख मना करने के बावजूद भी पार्टी के नेताओं ने गलत बयानबाजी की। उदाहरण के तौर पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के ही बयान को ले लें। लालू पर हमला बोलते हुए गिरिराज सिंह ने कहा था कि 'अगर जवानी में लालू जी बधिया करा लिए होते तो आज जनसंख्या कुछ कम होता'। इतना ही नहीं गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार 'डायवोर्सी दूल्हा' कहा था।
इसके अलावा बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी बिहार चुनाव के दौरान गलत बोल बोले। बेतिया में चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कहा था कि अगर बीजेपी चुनाव में हारी तो जेल में बंद शहाबुद्दीन खुश होगा और पाकिस्तान में पटाखे फूटेंगे।












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