Political Party Total Income: भाजपा की बढ़ी 83% सालाना इनकम, कांग्रेस समेत अन्य पार्टियों का भी जानें हाल?
Political Party Total Income: भारत के चुनाव आयोग ने वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2023-2024 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस पार्टी की वार्षिक आय में खासी बढ़ोत्तरी हुई है। इतना ही नहीं राज्य स्तरीय कई क्षेत्रीय पार्टियों की सलाना इनकम में इतनी बढ़ोत्तरी हुई है जिसे सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे।
चुनाव आयोग की रिपोर्ट के अनुसार बीते एक साल में भाजपा की आय में 83 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है जो 4340.5 करोड़ रुपये आंकी गई है।। वहीं कांग्रेस की आमदनी में 170 फीसदी बढ़ोत्तरी हुई है आय लगभग 1225 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। आइए जानते हैं सभी पार्टियों का भी हाल?

इलेक्टोरल बॉन्ड से मालामाल हुई भाजपा और कांग्रेस
बता दें सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा चुनाव से पहले चुनावी बॉन्ड पर रोक लगा दी थी इसके बावजूद राजनीतिक पार्टियों की आय में चुनावी बॉन्ड से जोरदार वृद्धि हुई है। चुनाव आयोग को पार्टियों द्वारा सौंपी गई ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों को इलेक्टोरल बॉन्ड से अच्छा लाभ मिला है। भाजपा को एलेक्टोरल बॉन्ड से 16.85.6 करोड़ रुपये और कांग्रेस को इलेक्टोरल बॉन्ड से 828.4 करोड़ रुपये से मिले हैं।
ममता बनर्जी की टीएमसी की भी बढ़ी आय
वहीं ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की आय में भी बड़ी वृद्धि हुई है। बीते एक साल में टीएमसी की आय 646.39 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जबकि पिछले साल यह 333.46 करोड़ रुपये थी। टीएमसी को लगभग 95% राजस्व चुनावी बॉन्ड से इनकम हुई है।
आम आदमी पार्टी की घट गई सलाना इनकम
अरविंद केजरीवाल की आप पार्टी की इनकम में पिछले वित्तीय वर्ष में गिरावट हुई है। 2022-23 में आप की कुल आय 85 करोड़ रुपये से अधिक थी, जो 2023-24 के वित्तीय वर्ष में घटकर 22 करोड़ रुपये हो गई।
ओवैसी की AIMIM की भी घट गई सलाना इनकम
असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM की इनकम में भी गिरावट हुई। ओवैसी की पार्टी का आय पिछले साल 3 करोड़ थी जो 2023-24 में घट कर 2 करोड़ हो गई।
सपा की भी घट गई सलाना इनकम
ऐसे ही अखिलेश यादव की पार्टी की आय बीते वित्तीय वर्ष में 33 करोड़ रुपये थी,जो 2023-24 में घटकर महज 26 करोड़ रह गई
मायावती की बसपा की सलाना इनकम
लंबे समय से सत्ता से दूरी मायावती की बहुजन समाज पार्टी की सलाना इमकम में 2024 में खासी बढ़ोत्तरी हुई है। पिछले वित्तीय वर्ष में बसपा की इनकम 29 करोड़ रुपये थी जो वित्तीय वर्ष 2024 में बढ़कर 64 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।
नवीन पटनायक की BJP की इतने फीसदी बढ़ी आय
ओडिशा में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने वाले पूर्व सीएम नवीन पटनायक की पार्टी बीजेडी भले ही सत्ता में नहीं है लेकिन पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इस साल उसकी सलाना इनकम में बड़ी बढ़ोत्तरी हुई है। 2023में 181 करोड़ बीजद की इनकम थी जो 2024 में बढ़कर 297 करोड़ हो गई है।
देवगौड़ा की JDS हुई एक साल में हुई मलामाल
पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा और कर्नाटक के पूर्व सीएम कुमारस्वामी की जनता दल (सेक्युलर) सत्ता में नहीं है इसके बावजूद बीते एक साल में उसकी आय में बड़ी बढ़ोत्तरी हुई है। वित्तीय वर्ष 2023 में जेडीएस की इनकम 1 करोड़ थी जो 2024 में बढ़कर 44 करोड़ हो गई है।
राज ठाकरे की MNS की सलाना इनकम
राजठाकरे की महाराष्ट्र कीक्षेत्रीय पार्टी मनसे की इनकम में पिछले एक साल में जबरदस्त बढ़ोत्तरी हुई है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की वित्तीय वर्ष 2023 में आय 13 करोड़ थी जो 2024 में बढ़कर 23 करोड़ रुपये हो गई है।
भाजपा और कांग्रेस की सालाना इनकम
बॉन्ड और प्राप्त राशि दोनों ही मामले में मामले में भाजपा पहले और कांग्रेस दूसरे नंबर पर है। चुनावी बॉन्ड से भाजपा की इनकम ₹1,685.62 करोड़ थी, जो 2023-2024 के लिए उसके कुल योगदान का 43% है, जो पिछले वित्तीय वर्ष में 61% से कम है। इसके विपरीत, कांग्रेस ने चुनावी बॉन्ड के माध्यम से ₹828.36 करोड़ दान में मिले जो उसके कुल फंड का 73% है, जो पिछले वर्ष के ₹171.02 करोड़ के आंकड़े से एक बड़ी छलांग है।
भाजपा और कांग्रेस ने चुनाव प्रचार पर कितने रुपये खर्च किए?
चुनाव आयोग की सौंपी गई ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार भाजपा ने चुनाव प्रचार के लिए 1,754.06 करोड़ रुपये आवंटित किए, जिसमें विज्ञापन और प्रचार पर 591.39 करोड़ रुपये खर्च शामिल हैं। यह पिछले वर्ष के 1,092.15 करोड़ रुपये से अत्यधिक धनराशि थी। हालांकि कांग्रेस ने भी अपने खर्च में बढ़ोतरी की वित्तीय वर्ष 2022-2024 में चुनाव से संबंधित खर्च 619.67 करोड़ रुपये खर्च किए, जो पिछले वित्तीय वर्ष में 192.55 करोड़ रुपये था।












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