पोलैंड की महिला ने बेटी के हाथ से लिखे पत्र को ट्वीट कर पीएम मोदी से मांगा वीजा, कहा- हम क्रिमिनल नहीं
नई दिल्ली। वीजा में किसी तरह की गड़बड़ियों के चलते विदेश मंत्रालय द्वारा भारत में एंट्री ब्लैकलिस्टेड होने के बाद पोलैंड की एक महिला और उसकी 11 साल की बच्ची ने पीएम मोदी को पत्र लिखा है। इस पत्र को ट्विटर पर शेयर कर उन्होंने भारत में रहने की इजाजत मांगी है। महिला का नाम मार्ता कोतलारस्का और उसकी बेटी का नाम अलिक्जा वानतको है। महिला ने पीएम मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मदद की गुहार की है और कहा है कि उन्हें गोवा में रहने की इजाजत दी जाए ताकि उनकी बेटी अपनी पढ़ाई पूरी कर सके। मार्ता इन दिनों कंबोडिया में रह रही हैं। वे बताती हैं कि उनकी बेटी अपने स्कूल को बहुत मिस करती है और वह लगातार रो रही है।

क्या लिखा है पत्र में
मार्ता कोतलारस्का ने पत्र में लिखा है कि बेटी अवसादग्रस्त होती जा रही है। हमारी गलती की वजह से समयावधि से अधिक रुकना नहीं हुआ। मेरे नियोजक ने (समयावधि से अधिक रुकने के लिए) वीजा हेतु जरूरी दस्तावेज सौंपने से इंकार कर दिया है। मैं ऐसी स्थिति में गृह मंत्रालय से एनओसी प्राप्त करने की कोशिश कर रही थी लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया।
हम अपराधी नहीं है
मार्ता ने मंगलवार को प्रधानमंत्री कार्यालय, पीएम मोदी और अमित शाह को टैग करते हुए ट्वीट किया, कृपया हमारी मदद करें। हम अपराधी नहीं हैं, हमें भारत से कभी भी निर्वासित नहीं किया गया था। मेरे पिछले नियोक्ता की वजह से बनी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति और हुए ओवर स्टे के लिए मैंने पैसे चुका दिए थे। इसके बाद हमें पोलैंड में भारतीय दूतावास ने हमें बिना किसी समस्या के नए वैध वीजा दिए थे।'
बेटी द्वारा बनाई त्रिशूल की फोटो भी किया ट्वीट
मार्ता ने एलिक्जा द्वारा बनाई गई भगवान शिव की त्रिशूल के साथ वाली तस्वीर भी डाली। मार्ता को इस साल 24 मार्च को बेंगलुरु के केमपेगौडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से उस समय वापस भेज दिया गया जब वह अपने भारतीय वीजा के नवीनीकरण के लिए गई थीं। वह श्रीलंका से यहां आई थीं।












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