प्रणब मुखर्जी की जयंती पर PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि, कहा-'बेहतरीन प्रशासक और ज्ञान के भंडार थे'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की और भारत के राजनीतिक माहौल में उनके योगदान को रेखांकित किया। मुखर्जी को एक असाधारण राजनेता, कुशल प्रशासक और गहन ज्ञान के प्रतीक के रूप में जाना जाता है। उन्होंने भारत के 13वें राष्ट्रपति के रूप में अपनी सेवाएँ दी। इससे पहले उन्होंने कई सरकारों में केंद्रीय मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई। 31 अगस्त 2020 को 84 वर्ष की आयु में उनके निधन ने देश की राजनीति के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत कर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने मुखर्जी की विरासत को याद करते हुए कहा कि उनका योगदान उनकी राजनीतिक उपलब्धियों से कहीं अधिक व्यापक था। उन्होंने भारतीय राजनीति और प्रशासन में समावेशी दृष्टिकोण और सहमति बनाने की अपनी क्षमता के माध्यम से अमिट छाप छोड़ी।

PM मोदी ने सोशल मीडिया पर जताई श्रद्धा
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि प्रणब बाबू एक ऐसे व्यक्ति थे। जो न केवल एक बेहतरीन राजनेता थे। बल्कि एक बेहतरीन प्रशासक और ज्ञान के भंडार भी थे। मोदी ने मुखर्जी के प्रशासनिक कौशल और उनके द्वारा देश के विकास पथ पर छोड़े गए प्रभाव की सराहना की। उन्होंने मुखर्जी के शासन में अनुभव और भारत की सांस्कृतिक नींव की गहरी समझ को सहमति निर्माण की उनकी शक्ति का आधार बताया।
मुखर्जी के आदर्शों को बनाए रखने की प्रतिबद्धता
प्रधानमंत्री मोदी ने मुखर्जी की जयंती पर भारत के विकास में उनके योगदान को याद किया और उनकी आकांक्षाओं को साकार करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। मोदी ने कहा कि भारत के विकास में प्रणब बाबू का योगदान उल्लेखनीय है। उन्होंने मुखर्जी के आदर्शों और दृष्टिकोण को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
भारतीय राजनीति में एक अमिट छाप
प्रणब मुखर्जी को भारतीय राजनीति में सहमति और कुशल नेतृत्व का प्रतीक माना जाता है। एक अनुभवी राजनेता के रूप में उनका राजनीतिक करियर नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है। पीएम मोदी ने मुखर्जी के योगदान को भारतीय राजनीति के स्थायी मार्गदर्शक के रूप में सम्मानित किया।
मुखर्जी की जयंती उनके योगदान को याद करने और उनके आदर्शों को साकार करने के लिए प्रेरणा लेने का एक अवसर है। प्रधानमंत्री मोदी की श्रद्धांजलि न केवल एक महान नेता को सम्मान देती है। बल्कि भारत के विकास और एकता के लिए मुखर्जी के नजरिए को जारी रखने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। जैसे-जैसे भारत प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता है। प्रणब मुखर्जी की विरासत एक प्रेरणास्त्रोत बनी रहती है। जो राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण का संदेश देती है।
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