60 टन के टैंक का वजन सहन कर सकेगा भारत का सबसे लंबा पुल, जानिए खासियतें
यह पुल असम की राजधानी दिसपुर से 540 किलो मीटर तथा अरूणाचल प्रदेश की राजधानी इटानगर से 300 किलो मीटर दूर है।
नई दिल्ली। असम और अरुणाचल को जोड़ने वाला देश का सबसे बड़ा पुल 'ढोला सदीया सेतु' बनकर तैयार हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पुल का उद्घाटन भी कर दिया है। ये पुल करीब 9.15 किलोमीटर लंबा है और ये पुल मुंबई स्थित प्रसिद्ध बांद्रा-वर्ली सी लिंक से भी करीब दो-तिहाई लंबा है। बात अगर एशिया की करें तो यह दूसरा सबसे लंबा पुल है। यह असम में तिनसुकिया जिले के ढोला तथा सदिया को जोड़ता है।

क्या कहना है असम के मुख्यमंत्री का
असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा, हम खुश हैं कि प्रधानमंत्री ने इस पुल का उद्घाटन किया। इसके निर्माण में देरी हो रही थी, लेकिन जब प्रधानमंत्री ने रूचि दिखाई तथा मैंने जा कर देरी के कारणों का पता किया तो पाया कि इसके कार्य में विस्तार हुआ था। यह पुल असम की राजधानी दिसपुर से 540 किलो मीटर तथा अरूणाचल प्रदेश की राजधानी इटानगर से 300 किलो मीटर दूर है।

क्या खास है इस पुल में
- यह 60 टन वजनी युद्धक टैंक का वजन भी उठा सकता है।
- इस का डिजाइन इस तरह बनाया गया है कि पुल सैन्य टैंकों का भार सहन कर सके।
- चीनी सीमा से हवाई दूरी 100 किलोमीटर से कम है।
- इस पुल से पूर्वोत्तर से सड़क परिवहन को मजबूत मिलेगी।

100 KMPH की रफ्तार से दौड़ेंगी गाडि़यां
- पुल के चालू होने के बाद अरूणाचल प्रदेश और असम के बीच की दूरी 165 किलोमीटर और 5 घंटे कम हो जाएगी।
- पुल का निर्माण साल 2011 में शुरू हुआ था और परियोजना की लागत 950 करोड़ रूपये थी।
- दो लाइन के इस पुल का डिजाइन इस प्रकार से किया गया है कि वह 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ियां चल सके।

देश का सबसे लंबा पुल
ढोला सदिया देश का अब तक का सबसे लंबा पुल है। इसकी लंबाई 9.15 किमी है और यह मौजूदा समय में सबसे लंबे बांद्रा-वर्ली सी लिंक 5.6 किमी (मुंबई) से 3.55 किमी लंबा है। इसके अलावा बिहार के भागलपुर नें गंगा नदी पर बना विक्रमशिला सेतु की लंबाई 4.7 किमी, केरल में वेम्बानंद झील पर बने वेम्बानंद रेल पुल की लंबाई 4.62 किमी है। बिहार के ही पटना में गंगा नदी पर बना दीघा-सोनपुर ब्रिज 4.5 किमी और आरा में गंगा नदी पर बना आरा-छपरा ब्रिज 4.3 किमी लंबा है।

पहले 2015 में होना था उद्धाटन
ढोला सदीया पुल का उद्घाटन 2015 में होना था लेकिन बाद में सरकार 26 मई को इसके उद्घाटन का फैसला लिया। इस पुल से पूर्वोत्तर से सड़क परिवहन को मजबूत मिलेगी. सेना के अलावा असम और अरुणाचल के लोगों के लिए भी यह पुल बेहद उपयोगी साबित होगा।
देखें VIDEO
देश को समर्पित ढोला सतिया सेतु असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच की दूरी को कम करेगा, और देश की विकास गाथा में एक नया अध्याय जोड़ेगा।

भूपेन हजारिका का है गांव
सदीया मशहूर गायक भूपेन हजारिका की जन्मभूमि है।

पुल की लंबाई
ये पुल करीब 9.15 किलोमीटर लंबा है और ये पुल मुंबई स्थित प्रसिद्ध बांद्रा-वर्ली सी लिंक से भी करीब दो-तिहाई लंबा है।












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