New Parliament House: लोकतंत्र ही प्रेरणा, संविधान ही संकल्प और श्रेष्ट प्रतिनिधि हमारी संसद -PM मोदी
New Parliament House: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मई यानी आज नए संसद भवन उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में 25 राजनीतिक दल इस कार्यक्रम में शरीक हुए, जबकि 20 कांग्रेस सहित 20 विपक्षी पार्टियां दूर रहीं।

New Parliament House: देश की राजनीति के इतिहास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मई (रविवार) को एक नया अध्याय जोड़ दिया। पीएम ने नए संसद भवन उद्घाटन किया। इस मौके पर पीएम मोदी के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी मौजूद रहे। नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह में पीएम मोदी ने कहा कि हर देश की विकास यात्रा में कुछ ऐसे पल आते हैं, जो हमेशा के लिए अमर हो जाते हैं। आज की तारीख ऐसा ही अवसर है। यह सिर्फ भवन नहीं, 140 करोड़ भारतवासियों की आकांक्षाओं और सपनों का प्रतिबिंब है।
पीएम मोदी ने कहा कि ये नीति को निर्माण से जोड़ता है। ये संकल्प को सिद्धि से जोड़ने की कड़ी है। लोगों के लिए अमृतकाल में नए संसद का उपहार। यह भवन आत्मनिर्भर भारत के सूर्योदय का साक्षी बनेगा। पूरा विश्व भारत की मजबूती को देख रहा है। नया भवन विकसित भारत की सिद्धि को देखेगा।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि लोकसभा में पवित्र सेंगोल स्थापित किया गया है। यह हमारा सौभाग्य है कि इस पवित्र सेंगोल को उसकी गरिमा लौटा सके। जब भी इस संसद भवन में कार्यवाही शुरू होगी, यह सेंगोल हम सभी का मार्गदर्शन करेगा। पीएम ने आगे कहा कि भारत आज वैश्विक लोकतंत्र का भी बहुत बड़ा आधार है। लोकतंत्र हमारे लिए संस्कार, विचार, परंपरा है। हमारे वेद हमें, सभाओं और समितियों के लोकतांत्रिक आदर सिखाते हैं।
'जो रुक जाता है उसका भाग्य भी रुक जाता है'
पीएम ने आगे कहा कि हमारा लोकतंत्र ही हमारी प्रेरणा है। हमारा संविधान ही हमारा संकल्प है। इस प्रेरणा, संकल्प की सबसे श्रेष्ट प्रतिनिधि हमारी संसद है। यह संसद देश की जिस संस्कृति का प्रतिनिधित्व करती है, शेते दांपत्य मानस, चराती चरतो भगाह, चरैवेति चरैवेति चरैवेति। इसका अर्थ है कि जो रुक जाता है उसका भाग्य भी रुक जाता है। लेकिन, जो चलता रहता है उसका भाग्य बुलंदियों को छूता है। गुलामी के बाद हमारे भारत ने बहुत कुछ खोकर अपनी नई यात्रा शुरू की। कितने ही उतार-चढ़ावों से होते हुए आज आजादी के अमृत काल में प्रवेश कर चुकी है। आजादी का अमृत काल, अनंत सपनों को पूरा करने का अमृत काल है।
मोदी ने याद दिलाई 15 अगस्त 2022 की अपनी वो बात
पीएम ने कहा कि 15 अगस्त को लाल किले से मैंने कहा था कि यही समय है, सही समय है। हर देश के इतिहास में ऐसा वक्त आता है, जब देश की चेतना नए सिरे से जागृत होती है। आजादी के 25 साल पहले, ऐसा ही समय आया था। गांधी के असहयोग आंदोलन ने पूरे देश को विश्वास से भर दिया था। यह वो दौर था, जब हर भारतीय आजादी के लिए जी जान से जुट गया था। आजादी का यह अमृत काल भी, भारत के इतिहास का ऐसा ही पड़ाव है। आज से 25 साल बाद भारत अपनी आजादी के 100 साल पूरे करेगा। इन 25 सालों में हमें मिलकर भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है। लक्ष्य बडा, कठिन है, लेकिन हर देशवासी को जी जान से जुटना है।












Click it and Unblock the Notifications