प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयरफोर्स डे पर दी बधाई, बोले- साहस और परिश्रम का नाम वायुसेना
नई दिल्ली, 08 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एयरफोर्सट डे के मौके पर तमाम योद्धाओं और उनके परिवार को इसकी बधाई दी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय वायुसेना, परिश्रम और व्यावसायिकता का पर्याय है। उन्होंने चुनौतियों के समय में देश की रक्षा करने और अपनी मानवीय भावना के माध्यम से खुद की एक अलग पहचान स्थापित की है। बता दें कि आज के ही दिन 1932 को भारतीय वायुसेना की स्थापना की गई थी, जिसकी वजह से हर साल 8 अक्टूबर को वायुसेना दिवस मनाया जाता है। हालांकि स्वतंत्रता से पहले वायुसेना को रॉयल इंडियन एयरफोर्स कहा जाता था। लेकिन 1947 के बाद रॉयल शब्द को हटा दिया गया और इंडियन एयरफोर्स कर दिया गया।

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वर्ष 1933 में जब पहली बार 1 अप्रैल को वायुसेना के पहले दस्ते को तैयार किया गया तो उसमे 6 वायुसेना के प्रशिक्षित अधिकारी और 19 सैनिक शामिल थे। स्वतंत्रता से पहले वायुसेना सेना के तहत ही काम करती थी। लेकिन भारतीय वायुसेना के पहले कमांडर इन चीफ एयर मार्शल सर थॉमस डब्ल्यू एल्महर्स्ट ने इसे सेना से अलग किया, जिसके बाद उन्हें भारतीय वायुसेना का पहला चीफ बनाया गया। 15 अगस्त 1947 से 22 फरवरी 1950 तक पर वह वायुसेना के चीफ रहे।
भारतीय वायुसेना के आदर्श वाक्य की बात करें तो यह नभ: स्पृशं दीप्तम है। इस वाक्य को गीता के 11वें अध्याय से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है गर्व के साथ आकाश को छूना। इस वाक्य को भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को दिए संदेश के दौरान कहा था। वायुसेना के झंडे की बात करें तो यह नीले रंग का होता है, जबकि एक चौथाई भाग में तिरंगा बना होता है। इस झंडे को 1951 में वायुसेना ने अपनाया था।












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