अंग्रेजी शासन और आजादी के बाद लिखे इतिहास में कई पक्षों को किया गया नजरअंदाज : पीएम मोदी
कोलकाता। अपने दो दिवसीय दौरे पर कोलकाता पहुचे पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने कोलकाता के ओल्ड करेंसी बिल्डिंग में एक मूर्ति का अनावरण किया। इस दौरान राज्यपाल जगदीप धनखड़ भी उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी के शिष्ठ मंडल से भी मुलाकात की। कोलकाता पहुंचे पीएम मोदी ने वहां एक कार्यक्रम को भी संबोधित किया।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि अभी जब प्रदर्शनी देखी, तो ऐसा लगा था जैसे मैं उन पलों को स्वयं जी रहा हूं जो उन महान चित्रकारों, कलाकारों, रंगकारों ने रचे हैं, जिए हैं। बांग्लाभूमि की, बंगाल की मिट्टी की इस अद्भुत शक्ति, मोहित करने वाली महक को मैं नमन करता हूं। उन्होंने कहा कि भारत की कला, संस्कृति और अपनी हैरिटेज को 21वीं सदी के अनुसार संरक्षित करने और उनको रेनवेंट, रेब्रांड, रेनोवेट और रीहाउस करने का राष्ट्रव्यापी अभियान आज पश्चिम बंगाल से शुरु हो रहा है। केंद्र सरकार का ये प्रयास है कि भारत के सांस्कृतिक सामर्थ्य को दुनिया के सामने नए रंग-रूप में रखे, ताकि भारत दुनिया में हैरिटेज टूरिज्म का बड़ा सेंटर बनकर उभरे।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि केंद्र सरकार का ये प्रयास है कि भारत के सांस्कृतिक सामर्थ्य को दुनिया के सामने नए रंग-रूप में रखे, ताकि भारत दुनिया में हैरिटेज टूरिज्म का बड़ा सेंटर बनकर उभरे। कार्यक्रम को संबोधित करे हुए उन्होने कहा ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि अंग्रेजी शासन के दौरान और स्वतंत्रता के बाद भी देश का जो इतिहास लिखा गया, उसमें इतिहास के कुछ अहम पक्षों को नजरअंदाज कर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि देश के 5 आइकॉनिक म्यूजियम को इंटरनैशनल स्टैंडर्ड का बनाया जाएगा। इसकी शुरुआत विश्व के सबसे पुराने म्यूजियम में से एक, इंडियन म्यूजियम कोलकाता से की जा रही है।
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