'2002 के बाद मेरी छवि खराब करने की कोशिश की गई': मुसलमानों से अपने रिश्ते पर पीएम मोदी ने खोले कई राज
Lok Sabha Election: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर साफ किया है कि जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव उनके शासन का मॉडल नहीं है। पीएम मोदी ने कहा है कि 2002 के बाद उनकी छवि को खराब करने की कोशिश की गई।
न्यूज18 को दिए एक इंटरव्यू में पीएम मोदी ने लोकसभा चुनावों के दौरान धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण के आरोपों के बीच मुसलमानों को लेकर अपनी सोच, उनके साथ रिश्तों को लेकर कई तरह के खुलासे किए हैं। विपक्षी इंडिया ब्लॉक की ओर से चुनाव प्रचार के दौरान उनपर धार्मिक मामलों को तूल देने जैसे आरोप लगाए गए हैं।

मुसलमानों से अपने रिश्ते पर पीएम मोदी ने खोले कई राज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि उन्होंने बचपन में अपने पड़ोसियों के साथ ईद मनाई है और उनके कई सारे मुस्लिम मित्र हैं। क्या इस चुनाव में उन्हें मुसलमानों का समर्थन मिलेगा इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा है कि देश की जनता उन्हें तीसरी बार सत्ता में बिठाने के लिए वोट देगी।
2002 के बाद मेरी छवि खराब करने की कोशिश की गई- नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री ने गुजरात में 2002 में हुई सांप्रदायिक हिंसा का हवाला देते हुए कहा कि 'बचपन में मैं मुस्लिम परिवारों के बीच रहा हूं। मेरे काफी सारे मुस्लिम मित्र हैं। 2002 के बाद मेरी छवि खराब करने की कोशिश की गई।'
ईद पर हमें अपने घर में खाना बनाने की जरूरत नहीं होती थी- पीएम मोदी
उन्होंने कहा, 'हमारे पड़ोस में मुस्लिम परिवार रहते थे। ईद पर हमें अपने घर में खाना बनाने की जरूरत नहीं होती थी, क्योंकि खाना पड़ोसी मुस्लिम परिवारों के यहां से आ जाता था। मुहर्रम पर हमें ताजिया के नीचे चलना सिखाया जाता था।'
'मेरे बच्चे मोदी की वजह से स्कूल जा रहे हैं'
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि 2002 के बाद जब उनकी छवि खराब हुई तो उन्होंने जमीनी सच्चाई का पता लगाने के लिए एक सर्वे करवाया। उन्होंने कहा, 'अहमदाबाद में एक जगह है, जो मानेक चौक कहलाता है, जहां शाम में लोग खाने के लिए जाते हैं। लेकिन, दिन में सभी बिजनेसमैन मुसलमान होते हैं और सभी खरीदार हिंदू। मैंने मार्केट में कुछ लोगों को सर्वे करने के लिए भेजा।'
उन्होंने आगे बताया, 'जब उनमें (सर्वे करने वालों ने) से एक ने मेरे खिलाफ बोला तो दुकानदार ने उसे रोका और कहा, 'मोदी के लिए एक भी शब्द मत कहो। मेरे बच्चे मोदी की वजह से स्कूल जा रहे हैं।' लगभग 90 फीसदी दुकान मालिकों का यही कहना था।'
जब एक मुस्लिम महिला मोदी को धन्यवाद देने आई
पीएम मोदी ने एक और घटना का जिक्र किया। इसमें मुस्लिम बहुल इलाके जुहापुरा इलाके से आई एक महिला के बारे में बताया जो उन्हें धन्यवाद देने आई थी। वे बोले, 'उसने सभी घरों में बिजली पहुंचने के मेरे काम की सराहना की। मैंने कहा कि लेकिन मैंने तो कनेक्शन काट दिए हैं, फिर यह अच्छा कैसे है। उसने कहा है कि यह अच्छा इसलिए है, क्योंकि लोग सरकारी बिजली चोरी करते हैं और बिजली कनेक्शन देने के लिए हमसे पैसे लेते हैं।'
मैं वोट बैंक के लिए काम नहीं करता- पीएम मोदी
नरेंद्र मोदी ने कहा उनके जीवन में ऐसी कई बातें हुई हैं, लेकिन वह इनका प्रचार नहीं करते। वे बोले, 'मेरा मंत्र है सबका साथ, सबका विकास।' मैं वोट बैंक के लिए काम नहीं करता। अगर कुछ गलत है तो कहूंगा कि ये गलत है।'
'मुसलमानों के ज्यादा बच्चे' पर क्या बोले पीएम मोदी?
जब पीएम मोदी से मुसलमानों के 'ज्यादा बच्चों' वाली बात को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने बताया, 'मैं हैरान हूं। जब मैं बहुत ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले लोगों के बारे में बात करता हूं तो लोग यह क्यों मान लेते हैं कि मैं मुसलमानों के बारे में कह रहा हूं? गरीब हिंदू परिवारों के साथ भी यही समस्या है। वे अपने बच्चों को उचित शिक्षा नहीं दे पाते। मैंने कभी हिंदू या मुसलमान का नाम नहीं लिया। मैंने तो सिर्फ यह अपील कि उतने ही बच्चें हों जितने की आप देखभाल कर सकें।'
मैं हिंदू-मुस्लिम विभाजन नहीं करूंगा, यह मेरी प्रतिबद्धता है- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ही वाराणसी से नामांकन दाखिल किया है। उनसे जब यह पूछा गया कि क्या इस चुनाव में मुसलमान उन्हें वोट देंगे तो उन्होंने कहा, 'मुझे विश्वास है कि देश की जनता मुझे वोट देगी। जिस दिन मैं हिंदू-मुस्लिम करना शुरू कर दूंगा, मैं सार्वजनिक जीवन के लिए फिट नहीं रहूंगा। मैं हिंदू-मुस्लिम विभाजन नहीं करूंगा, यह मेरी प्रतिबद्धता है।'
प्रधानमंत्री बोले, 'यदि मैं घर देता हूं, 100 प्रतिशत डिलीवरी, मैं सैचुरेशन के बारे में बात कर रहा हूं। इसका मतलब, मान लीजिए कि एक गांव में 200 घर हैं, चाहे जिस भी समाज के हों, जिस भी जाति, जिस भी धर्म के हों- अगर उन 200 घरों में 60 लाख भारतीय हैं, तो उन 60 लाख लोगों को यह मिलना चाहिए। और अगर मैं 100 प्रतिशत सैचुरेशन कहता हूं तो इसका अर्थ है असली सामाजिक न्याय। यह असली धर्मनिरपेक्षता है। जब भ्रष्टाचार की कोई संभावना न हो। आप जानते हैं, चाहे मुझे यह सोमवार को मिलेगा या मेरा नंबर अगले सोमवार को आएगा।'












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