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'नियम जनता के लिए हों, मुसीबत के लिए नहीं', NDA बैठक में PM मोदी ने सांसदों-मंत्रियों को क्यों दी चेतावनी?

PM Modi NDA Meet: केंद्र सरकार के नियम और कानून लोगों की जिंदगी आसान बनाने के लिए होने चाहिए, न कि उन्हें परेशान करने के लिए। यही साफ और दो टूक संदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए के सांसदों और मंत्रियों को दिया है। 09 दिसंबर को सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सुधार जरूरी हैं, लेकिन हर सुधार का केंद्र आम नागरिक होना चाहिए।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातों को साझा करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने बेहद स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सरकार की वजह से लोगों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। नियम और कानून जरूरी हैं, लेकिन उनका मकसद व्यवस्था सुधारना होना चाहिए, जनता को डराना या परेशान करना नहीं।

PM Modi NDA Meet

किरेन रिजिजू के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि ऐसा कोई नियम नहीं होना चाहिए, जो बिना वजह आम लोगों के लिए मुश्किल खड़ी करे। पीएम मोदी ने सांसदों और मंत्रियों को ये सख्त चेतावनी इसलिए दी है कि ताकि आम जनता को परेशानी ना हो।

PM मोदी ने कहा- सुधार हों, लेकिन संवेदनशीलता जरूरी

पीएम मोदी ने जोर इस बात पर रहा कि हर मंत्रालय और हर सांसद को यह आत्मचिंतन करना चाहिए कि जो फैसले लिए जा रहे हैं, उनका असर सीधे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर कैसे पड़ रहा है। नियम अगर सहूलियत की जगह बाधा बनने लगें, तो उसका भरोसा टूटता है और शासन की मंशा पर सवाल उठते हैं। इसलिए सुधारों के साथ संवेदनशीलता भी उतनी ही जरूरी है।

क्या इंडिगो संकट से जुड़ा था PM मोदी का संदेश?

पीएम नरेंद्र मोदी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो बीते एक हफ्ते से भारी संचालन संकट से जूझ रही है। हालांकि यह साफ नहीं है कि पीएम मोदी ने सीधे तौर पर इसी मामले को ध्यान में रखकर यह बात कही। किरेन रिजिजू के बयान से संकेत मिलता है कि प्रधानमंत्री का संदेश व्यापक और सामान्य प्रकृति का था, न कि किसी एक घटना तक सीमित।

पिछले एक हफ्ते से इंडिगो ने पायलटों की कमी के कारण सैकड़ों उड़ानें रद्द या विलंबित की हैं। नए नियमों के तहत पायलटों के काम के घंटों की सीमा तय की गई, लेकिन एयरलाइन इन बदलावों के लिए समय रहते तैयार नहीं हो सकी। इसका नतीजा यह हुआ कि हजारों यात्री देश के अलग-अलग हिस्सों में फंसे रहे और कंपनी के साथ-साथ नियामक संस्थाओं पर भी सवाल उठे।

DGCA की सख्ती, 5 प्रतिशत उड़ानें घटाने का आदेश

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय DGCA ने इंडिगो के सीईओ और सीओओ को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा। इसके साथ ही नियामक ने एयरलाइन को अपना उड़ान शेड्यूल 5 प्रतिशत घटाने का आदेश दिया।

DGCA ने साफ कहा कि इंडिगो अपने मौजूदा शेड्यूल को कुशलता से संचालित करने में असफल रही है। खासकर ज्यादा भीड़ वाले और ज्यादा उड़ानों वाले रूट्स पर कटौती के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार की हाई लेवल बैठक

बढ़ते दबाव के बीच सरकार ने 09 दिसंबर एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है, जिसमें नागरिक उड्डयन मंत्रालय और सभी प्रमुख एयरलाइन कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो रहे हैं। मकसद यही है कि हालात को जल्द काबू में लाया जाए और यात्रियों को राहत मिले।

प्रधानमंत्री मोदी का संदेश इसी संदर्भ में अहम माना जा रहा है-नियम जरूरी हैं, लेकिन जब वे जनता की परेशानी बन जाएं, तो सरकार को रुककर सोचना चाहिए।

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