मोदी की दहाड़, दुनिया खींचती भारत की ओर
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) न्यूयार्क, सिडनी, काठमांडू और अब फ्रांस तथा जर्मनी में छा गए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी। फ्रांस में हमने वही देखा। बर्लिन के हैनोबर व्यापार मेले में भारत की धूम तथा जर्मनी कंपनियों का भारत की ओर आकर्षण कोई भी देख सकता है।
प्रधानमंत्री की विदेशी भूमिका से हमारे देश की आवाज दुनिया में प्रखरता से गूंज रही है। दुनिया भारत की ओर फिर खींच रही है। दुनिया भर में फैले भारतवंशियों का भारत के प्रति आकर्षण और योगदान देने का भाव प्रबल हो रहा है।
गर्व से ऊंचा
वरिष्ठ लेखक अवधेश कुमार कहते हैं कि प्रधानमंत्री के रुप में जब वो दुनिया के मंच पर भारत की आवाज बुलंद करते हैं और प्रमुख देश व नेता उनकी बातों को गौर से सुनते हुए अमल करते हैं तो हमारा सिर गर्व से ऊंचा उठना चाहिए, क्योंकि यह भारत के लिए होता है, किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं।
मैन्यूफैक्चरिंग हब
मोदी कह रहे हैं कि मैन्यूफैक्चरिंग हब एक परिवर्तन की क्रांति का सपना है। हम पड़ोसी से कोई चीज लें उसमें शर्म होती है कि नहीं? भले पड़ोसी बुरा माने न माने। तो क्यों न हम अपने यहां वो चीजें बनाएं जो हम दूसरों से लेते हैं। हम लेने वाले नहीं देने वाले देश बनें। और हमारे पास इसके लिए सब कुछ है। हम ऐसा करके रहंगे।
शेर की दहाड़
मेक इन इंडिया के लिए बिजनेस समिट में भारतीय शेर की दहाड़ का प्रतीक यह बताने के लिए है कि हमारे पास युवा संसाधन है जो रुक नहीं सकती। उसकी दहाड़ उर्जा का प्रतीक है। जो होगा वह हमारे नियमों एवं विनियमों के तहत होगा। जहां भी सुधार जरुरत वहां होगी। भारत एक परिवर्तित देश है, पारदर्शी एवं स्थिर नीतियां हैं।
ग्लोबल वार्मिंग
पर्यावरण पर उपदेश देने वाले देशों को उन्होंने कहा कि आप हमें सीख न दे। जिनने ग्लोबल वार्मिंग किया वो हमें सीख दे रहे हैं। प्रकृति की रक्षा हमारे संस्कार में है यह दुनिया को बताना होगा। इसमें अगर कोई एक देश दुनिया को रास्ता दिखा सकता है तो वह भारत ही हो सकता है।













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